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📰 stringer24News विशेष रिपोर्ट 

*नरसिंहपुर के लालपुल पर ब्रिटिश कालीन निशान:स्थल निरीक्षण*

stringer24News टीम ने नरसिंहपुर-सिंहपुर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध लालपुल का निरीक्षण किया। स्थल पर पहुँचे तो पाया कि पुल के लोहे के हिस्सों पर जंग से ढकी एक धातु पट्टी (Plaque) मौजूद है। उस पर साफ़ लिखा मिला:

> “THE LONDON ENGINEERING & SHIPBUILDING COMPANY LIMITED, LONDON”

यह पट्टी स्पष्ट संकेत देती है कि पुल की धातु संरचना किसी ब्रिटिश इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा निर्मित अथवा सप्लाई की गई थी।

हमारी खोजबीन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 19वीं शताब्दी के मध्य से लेकर 20वीं शताब्दी की शुरुआत तक ब्रिटिश कंपनियाँ भारत में बड़े पैमाने पर लोहे और स्टील संरचनाएँ, पुल-गर्डर और जहाज़ी धातु उपकरण सप्लाई करती थीं।

London & Glasgow Engineering and Iron Shipbuilding Co. Ltd. (1864–1912) जैसी कंपनियाँ विश्व-स्तरीय इंजीनियरिंग कार्यों के लिए जानी जाती थीं।

ऐतिहासिक दस्तावेज़ बताते हैं कि इस कंपनी ने कई अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में पुल और धातु ढाँचों की सप्लाई की।

इसी प्रकार की कंपनियों के नाम “London Engineering & Iron Shipbuilding Company Ltd.” और उसके वेरिएंट्स रिकॉर्ड्स में मौजूद हैं।

यानी, “The London Engineering & Shipbuilding Company Limited” नाम वास्तव में उसी समूह की किसी शाखा अथवा नाम-वेरिएंट की ओर संकेत करता है।

लालपुल का महत्व

स्थानीय लोगों के लिए “लालपुल” सिर्फ़ एक रास्ता नहीं, बल्कि स्मृतियों से जुड़ा स्थल है। इसके आस-पास के क्षेत्र (उसरी / घोघरा जलप्रवाह) प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटक महत्व रखते हैं। अब इस धातु पट्टी के मिलने से यह साफ़ होता है कि पुल की जड़ें ब्रिटिश कालीन इंजीनियरिंग से जुड़ी हुई हैं।

पुल का निर्माण या मरम्मत ब्रिटिश राज के समय हुआ।

लोहे के गर्डर व संरचना विदेश से आयात की गई थीं।

पट्टी ऐतिहासिक धरोहर के रूप में इस पुल की उम्र और उत्पत्ति की गवाही देती है।

stringer24News की टीम ने जो प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और उसके बाद जिन ऐतिहासिक अभिलेखों की खोज की, उससे यह निष्कर्ष निकलता है कि:

1. लालपुल ब्रिटिश काल का धरोहर पुल है।

2. इसमें प्रयुक्त लोहे की संरचना लंदन स्थित Engineering & Shipbuilding Company से जुड़ी है।

3. यह पुल न केवल यातायात का साधन रहा है, बल्कि नरसिंहपुर के इतिहास में औपनिवेशिक इंजीनियरिंग का प्रमाण भी है।

हमारी टीम अब इस पुल से संबंधित PWD रिकार्ड्स व जिला अभिलेखागार से आधिकारिक काग़जात तलाशने का प्रयास करेगी, ताकि निर्माण वर्ष और ठेकेदार कंपनी का नाम पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

डिस्क्लेमर:

यह रिपोर्ट stringer24News टीम द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण, दृश्य साक्ष्यों और उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित है। सभी सामग्री कॉपीराइट नियमों के तहत stringer24News की संपत्ति है।



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