*क्या भावांतर योजना अडानी की तिजोरियां भरने के लिए है*
*सरकार किसानों का सोयाबीन समर्थन मूल्य पर खरीदे: माकपा*
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा सोयाबीन खरीदी के लिए शुरू की गई भावांतर योजना किसानों की भरपाई करने के लिए नहीं है बल्कि अडानी की तिजोरियां भरने की सोची समझी साजिश का हिस्सा है l जिसे किसानों के कल्याण के नाम पर शुरू किया गया है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव जगदीश पटेल ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि मध्यप्रदेश में अधिकांश सोयाबीन प्लांट अडानी ग्रुप के हैंl प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रदेश में पैदा होने वाला सोयाबीन अडानी के प्लांटों के लिए खरीदा जाता है I क्योंकि पिछले साल भी सोयाबीन किसानो ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6000 रुपए प्रति क्विंटल देने की मांग को लेकर आंदोलन किया था और इस साल बारिश के कारण सोयाबीन की फसल प्रभावित होने से मंडियों में सोयाबीन के भाव और गिरा दिए गए हैं l सरकार को डर है कि कहीं किसान फिर
आंदोलन पर न उतर आयें l
जगदीश पटेल ने कहा है कि सरकार की नीयत पर संदेह इसलिए भी होता है क्योंकि अति वर्षा से कपास, बाजरा, मक्का, तिल्ली और अरहर की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है I
सरकार कपास और मक्का अमेरिका से सस्ती दर में आयात करने वाली है, अमेरिका का मक्का 15रु किलो का है सस्ता आने से देश के कपास एवं मक्का सहित मंडियों में इन सभी फ़सलों का भाव गिरेगा, लेकिन सरकार ने सिर्फ सोयाबीन के लिए ही भावांतर योजना लागू की है, क्योंकि इससे सीधा लाभ अडानी को होने वाला है l
माकपा नेता ने कहा है कि शिवराज सिंह चौहान के समय भी भावांतर योजना का यह अनुभव रहा है कि इसकी घोषणा होते ही मंडियों में सोयाबीन के भाव और गिर जाते हैं ताकि अडानी सस्ते दामों सोयाबीन खरीद कर ज्यादा मुनाफा कमा सके l इस बार भी यही होने वाला है l यह साफ हो गया है कि भाजपा की मोहन यादव सरकार किसानों की नहीं अडानी की सरकार है I प्रदेश में 52 लाख मीट्रिक टन से अधिक सोयाबीन पैदा होने का अनुमान है l इसका अर्थ है कि यदि एक क्विंटल पर हजार रुपए भी कम होते हैं तो अडानी को 5200 करोड़ रुपए का फायदा होगा l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मांग की है कि सरकार को भावांतर की शिगूफेबाजी को छोड़कर किसानो की लूट को रोकने की पहल करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सोयाबीन सहित सभी फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो और जो व्यापारी इससे नीचे किसान की फसल खरीदे, उसके खिलाफ वही कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए, जिसकी घोषणा शिवराज सिंह चौहान ने की थी I
जगदीश पटेल
सचिव
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी
जिला नरसिंहपुर
