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*ग्राम पंचायत मोहपानी:जनपद चिचली: नरसिंहपुर*

ग्राम पंचायत मोहपानी में फर्जी मस्टर जेसीबी से तालाब बनवाने वाले सचिव सत्यनारायण अब शिकायतों के फर्जी निराकरण पर भी उतर आए हैं और इसमें साथ दे रहे हैं जनपद पंचायत के कुछ अधिकारी?

हाल ही में जेसीबी तालाब मामला सामने आने के बाद stringer24news पर प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया गया और मामले की शिकायत जिला पंचायत के अधिकारियों से लेकर सीएम हेल्प लाइन पर की गई!



27 जुलाई के अंक में हमने आपको बताया था कि, तालाब निर्माण कार्य सचिव द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से कराया जा रहा है,इसके बावजूद मोतीलाल और संतराम उर्फ बडडन और खुमन बाई ने अपने खातों में मजदूरी का आहरण स्वीकार किया!क्यों की कमीशन का लालच हावी था और सरकारी राशि में इस तरह गबन का खेल खेला गया!

संतराम उर्फ बडडन और खुमन बाई और मोतीलाल (जिसके खेत पर मशीनी तालाब का निर्माण हुआ) ने गबन करके अपराधिक कृत्य किया?प्रशासनिक जांच और कार्यवाही के बाद संतराम उर्फ बडडन और खुमन बाई और मोतीलाल दोष सिद्ध होने पर सलाखों के पीछे भेजे जा सकते हैं या फिर रिकवरी और जुर्माना लगाया जा सकता है! अब देखना यह है कि,आने वाले दिनों में प्रशासन क्या कार्यवाही करता है

इसके साथ ही 15 अगस्त के अंक में stringer24news पर मामले को लेकर की गई भविष्यवाणी भी सच सिद्ध हुई।

अब होना तो यह चाहिए था कि,अधिकारी मामले की जांच करते और न्यायोचित कार्यवाही की जानी चाहिए थी!लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की इस लचर शैली ने जिले के विकास पर बट्टा लगा दिया है!

जब कमीशन की मलाई जेब में जा रही हो तो भला कौन शिकायत का निराकरण करके सोने का अंडा देने वाली मुर्गी को मारना चाहेगा?

मामले में ट्विस्ट तो अभी बाकी है, , आप मोहपानी के ग्रामीणों द्वारा दिए गए इस आवेदन को देखेंगे तो पाएंगे कि,यहां भी एक विरोधाभास नजर आता है।



मोहपानी में हुई आर्थिक अनियमितताओ को लेकर आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और रिकवरी राशि का भी इसमें जिक्र आया। जो लगभग 22 लाख रुपए से कुछ अधिक है।

लेकिन इस 22 लाख की वसूली योग्य राशि में सिर्फ वर्तमान सरपंच की लिप्तता नहीं है,बल्कि वर्तमान सरपंच के साथ ही दो अन्य पूर्व सरपंच और सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है!

इसके साथ ही आप आवेदन पढ़ेंगे तो आवेदन के अंतिम तीसरे पैराग्राफ में आधारभूत सुविधाओं के साथ ही मुक्तिधाम पहुंच मार्ग की मांग को प्रमुखता से रखा गया है।

जबकि शांतिधाम पहुंच मार्ग मामला भी विवादित दिखाई देता है,दरअसल स्थानीय कृषक शेरसिंह राजपूत बताते हैं कि, वहां कोई रास्ता ही नहीं है जबकि ग्रामीण मानते है कि, मुक्तिधाम पहुंच मार्ग पर अतिक्रमण किया गया है और अक्सर ग्रामीण गाहे बगाहे अतिक्रमण के आरोप लगाकर सड़क की मांग करते हैं! 

अब जब एक बार फिर जिला कलेक्टर के सामने मुक्तिधाम पहुंच मार्ग की मांग को प्रमुखता से रखा गया है तो देखना यह होगा कि,अधिकारी इस पर क्या कार्यवाही करते हैं और ग्रामीण कौन सा रुख अपनाते हैं!

जारी :





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