*वर्चुअल डिबेट में शामिल हुए पैनलिस्ट ने भाजपा की नीतियों पर उठाया सवाल!नरसिंहपुर*
माकपा नेता जगदीश पटेल,किसान नेता देवेंद्र वर्मा,समाजसेवी कमलेश रजक,कृषक अमरेश गोस्वामी और इटारसी से मारुति डिबेट [ *"बोल के लब आजाद हैं तेरे"* ] में शामिल हुए।
stringer24news के डिबेट शो में जब पैनलिस्ट से सवाल जवाब किए गए, तो उन्होंने कहा कि आज किसान से लेकर आम आदमी परेशान है!सरकार पूंजीवादियों के हाथ का खिलौना बनकर रह गई है
साईंखेड़ा खमरिया से डिबेट में शामिल हुए अमरेश गोस्वामी कहते हैं कि,ग्राम पंचायत में काम सिर्फ कागजों पर किया जा रहा है और जब इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से की गई तब भी कोई सुनवाई ही नहीं कर रहा है।
सालीचौका से डिबेट में शामिल हुए देवेंद्र वर्मा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि,ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार यदि चरम पर है तो इसमें स्थानीय शासन प्रशासन की महती भूमिका है! जब जिम्मेदार ही आँखें मूंदकर बैठे हों तब अधीनस्थों की फौज मौज तो करेगी ही।किसानों को मुआवजा, खाद बीज की गंभीर समस्या, से लेकर गांव गांव समस्याओं का अम्बर है, सरकार चंद पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है।
दरअसल डिबेट की शुरुआत में एंकर पूछते हैं,की क्या किसान और आम जनता आज भाजपा की नीतियों से खुश है भी या नहीं, ,?
माकपा नेता जगदीश पटेल इसके जवाब में कहते हैं कि,आज मंहगाई,शिक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं की जा रही है बल्कि आम जनता को मंदिर मस्जिद और आरक्षण के नाम पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है!भाजपा सरकार के कार्यकाल में जमीन की लूट मची हुई है। गैरजरूरी परियोजनाओं के नाम पर वेतहाशा भूमि अधिग्रहण किया जारहा है।सी एम राइस और पीएम राइज स्कूल खोलकर 01 लाख 22 हजार स्कूलों को बंद करने की कार्यवाही लगातार जारी है। अभी तक लगभग 30 हजार शासकीय स्कूल प्रदेश में बंद किया जा चुके हैं।
गाडरवारा से डिबेट में शामिल हुए समाजसेवी कमलेश रजक ने श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर दिव्यांग जनों के लिए प्लेटफार्म तक पहुंचने का कोई रास्ता न होने के मुद्दे पर प्रमुखता से प्रकाश डाला!कमलेश ने कहा कि, श्रीधाम रेलवे स्टेशन दिव्यांगों के लिए जरूरी सुविधाओं के लिहाज से सुगम्य नहीं जा सकता।ऐसे में दिव्यांगजन व्हील चेयर के जरिए प्लैटफॉर्म पर पहुंचते हैं, जो अपने आप में काफी जोखिम भरा है। इसमें दिव्यांगों को व्हीलचेयर पर बिठाकर प्लैटफॉर्म के पास ही बने ट्रैक से रेलवे पटरियों से होकर गुजारा जाता है। रेलवे के उदासीन रवैये को देखते हुए दिव्यांग अधिकारों की बात करने वाले कमलेश रजक अब सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के तहत आने वाले दिव्यांग विभाग के सामने उठाने जा रहे हैं।
सरकारी मदद के नाम पर आज भी दिव्यागों को सिर्फ ₹600 पेंशन मिलती है!कमलेश कहते हैं, कि दर्द से ज्यादा तकलीफ तो इस बात की है कि जैसे हमें भुला दिया जाता है,और हमारी याद सिर्फ चुनाव के समय आती है!दिवाली तक लाड़ली बहना योजना की राशि ₹1500 करने की तैयारी कर रही है और हमें आज 600 रु में ही गुजारा करना होगा!
जारी :
क्या यही है भाजपा का राज , , ?
