*इन गायों के प्रति इतनी लापरवाही क्यों?* : *यह है नरसिंहपुर जिले में नगर पालिका की कार्यशैली!*
नरसिंहपुर शहर में घूमने के दौरान आपको शहर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं मिलेगा जहां आवारा गौ वंश डेरा ना डाले हुए हो!
सराफा बाजार हो या गुरुद्वारा चौक,आजाद वार्ड हो या शंकर वार्ड,कचहरी क्षेत्र हो या रेलवे स्टेशन आवारा गौ वंश के उत्पात और अराजकता से आपका सामान होना यहां सामान्य है!
भले ही जिला कलेक्टर लाख दुहाई दें कि,जिले में गौ शालाओं का संचालन सुचारू रूप से चल रहा है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि,अनेक गौ शालाओं में चारे भूसे की पर्याप्त व्यवस्था ही नहीं है!कई स्थानों पर साफ सफाई का अभाव है,जिसकी वजह से गौ शालाओं में आने वाली गायों की मृत्यु दर अधिक है!
चौबीस घंटे, साल के 365 दिन गायेँ कूड़े के ढेर पर पॉलीथिन खाती हुई दिखाई देती है,लेकिन आज तक नगर पालिका शहर को कचरा मुक्त नहीं कर सका है।
विभागीय सूत्रों की माने तो,कचरे की गाड़ी की लॉगबुक में दर्ज एंट्रियों की छानबीन की जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा!इसी वजह से अक्सर कचरे की गाड़ियां शहर में नियमित भ्रमण नहीं करती हैं और मजबूर होकर स्थानीय निवासियों को सड़कों पर कचरा फेकना पड़ता है!जिसकी वजह से गौ वंश कचरे के ढेर की ओर आकर्षित होता है!
सराफा बाजार से आगे जलगांव ज्वेलर्स के सामने सड़क पर कूड़े का ढेर लगा रहता है।जहां सांड, गायें और श्वान कचरे के ढेर पर मुंह मारते दिखाई देते हैं,लेकिन हैरानी की बात है कि,प्रशासन को यह दिखाई नहीं देता।
ना ही गुरुद्वारा चौक के समीप साईं मंदिर के सामने लगा कचरे का ढेर प्रशासन को दिखता है! राम वार्ड/आजाद वार्ड में पंप हाउस के पास भी ऐसे ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं,लेकिन वार्ड पार्षद समस्याओं के निराकरण में उत्सुक दिखाई नहीं देते?
कंदेली पटेल वार्ड के वाशिंदों को पानी की पाइप में खराबी आ जाने के कारण गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है!
यह है नरसिंहपुर जिले में नगर पालिका की कार्यशैली!जहां चारों तरफ अराजकता और अव्यवस्था ही दिखाई देती है!
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