*पत्रकार की विदाई,राजपूत ने अपने अब तक के सफर को साझा करते हुए कहा कि*
*विक्रम सिंह राजपूत ने अपने अब तक के सफर को साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक सपना था, जिसे उन्होंने जीया और सजाया।*
*stringer24news को मैंने अपने बच्चे की तरह संभालने की कोशिश की। इसे खड़ा करने की कल्पना से लेकर इसकी पहली ईंट रखने तक की हर प्रक्रिया में मैंने खुद को झोंका। बीते दो दशकों में कई संस्थानों से विदाई ली, लेकिन stringer24news से रुखसत होना सबसे कठिन और भावनात्मक क्षण है।
*उन्होंने बताया कि कैसे इस चैनल की नींव रखते समय तमाम चुनौतियों का सामना किया, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि कई लोग सिर्फ भरोसे के दम पर उनके साथ लोग जुडते गए,बिना यह पूछे कि चैनल का नाम क्या होगा, दफ्तर कहां बनेगा।*
हमने एक बेहतरीन टीम बनाई। मेरा हमेशा प्रयास रहा कि मैं छाया बनकर रहूं, ताकि काम करने वाली टीम प्रतिकूलताओं से बचे और उन्हें बेहतर माहौल मिले।*
*काम के दबाव और कभी-कभी स्वभावजनित कारणों से यदि कोई बात चुभी हो या किसी का मन दुखा हो तो मुझे क्षमा करें। मेरा आशय कभी किसी के प्रति गलत नहीं रहा।*
*मुझे नहीं मालूम यह बदलाव मुझे कहां ले जाएगा, लेकिन यह परिवर्तन मेरे लिए एक नया अध्याय जरूर खोलेगा।
*इसलिए क्यूंकि इसका सपना देखने से लेकर आज दिनांक तक अपने बच्चे जैसे इस संस्थान की देखभाल करने का प्रयास मैंने किया!आसान नहीं होता यूँ तो किसी भी संस्थान से विदा होना! विदाई शब्द में ही बहुत सा दर्द अपने आप में छिपा होता है!*
*मुझे याद आता है इसे शुरू करने का ख़याल…इसकी पहली ईंट रखने से लेकर अब तक की पूरी यात्रा!उस दौरान आने वाले बहुत सारी अड़चने मुश्किले!सिर्फ मेरे साथ लगाव या मेरे प्रति अनुग्रह के कारण बहुत सारे लोग बिना ये जाने कि चैनल का नाम क्या होगा,उसका ऑफिस कहाँ होगा! लोग साथ आए,सिर्फ मेरे प्रति भरोसे के कारण*
*मैं फिर दोहरा रहा हूँ कि मैं आपके लिए हमेशा उपलब्ध रहूंगा!तो बस अब वक्त है आप सभी से विदा लेने का।आप सभी हमेशा ख़ुश रहें, सफल रहें, समृद्ध रहें और संतुष्ट रहें,शुभकामनाएं।*
