*शासन और प्रशासन कर रहा मूंग उत्पादक किसानों के साथ छलावा, किसान सभा*
मध्य प्रदेश किसान सभा के संयुक्त सचिव कामरेड जगदीश पटेल ने शासन और प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने मूंग उत्पादक किसानों को धोखे में रख कर लुटने के लिए छोड़ दिया है। प्रदेश में 3.62लाख किसानों ने पंजीयन कराया है जिसकी औसतन मात्रा 8लाख मीट्रिक टन आयेगी लेकिन सरकार का इस वर्ष का खरीदी लक्ष्य केवल 3.51लाख मीट्रिक टन का ही है जो किसानों के आरपार के संघर्ष से सरकार ने मज़बूरी में लिया है। लेकिन सवाल है 5लाख मीट्रिक टन जिसका पंजीयन हो चुका उसकी सरकार क्या व्यवस्था करेगी। इसमें यदि35%छोटे किसान और 15%बड़े किसान जो पंजीयन पूर्व ओने पौने दाम में बेच चुके तो तो उत्पादन लक्ष्य और अधिक होता। सरकार 1हेक्टेयर पर केवल 12क्विंटल ही खरीद रही है जबकि उत्पादन 16से 18क्विंटल प्रति हेक्टेयर है, जो ऊपर का उत्पादन है उसमें ही हर किसान ओने पौने दाम में देकर लुट चुका। पंजीयन शुरू न होने और सरकार के ही सांसद दर्शनसिंह चौधरी द्वारा कहा गया कि अभी मंडियों में रेट अच्छे हैं बेच दें जो एक संदेश था कि सरकार मूंग खरीदने वाली नहीं हैं। जिसे देखते हुए व्यापारियों ने मूंग के दाम 4000तक गिरा दिए थे, जैसे ही सरकार ने किसानों के बढ़ते असंतोष और संघर्ष को देखा तो आनन फानन में पंजीयन डेट की घोषणा कर दी। तो बाजार में भी रेट बढ़ गए।
*डब्ल्यू आर डी ए लाइसेंस के नाम पर होल्ड पर वेयरहाउस*
सरकार ने 7जुलाई से खरीदी शुरू करने की तैयारी में खरीदी केंद्र घोषित तो कर दिए लेकिन ऐसे वेयर हाउस जिन्हें लायसेंस न होने से खरीदी की पात्रता ही नहीं है, किसानों ने उनके स्लॉट बुक करा लिया, अपने अपने ट्रैक्टर वाहन लाइन लगाकर मूसलाधार बारिश में खड़े करके रखे हुए टकटकी लगाकर मूंग तुलाई का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई वेयरहाउस होल्ड में हैं। सरकार के खरीदी लक्ष्य 3.51लाख मीट्रिक टन से अधिक जो 5लाख मीट्रिक टन मूंग को और ओने पौने दाम में बेचने किसी भी बहाने से किसानों को मजबूर कर रहे हैं ।जिसमें खुले रूप से शासन प्रशासन की मिलीभगत है।
*खरीदी डेट बढ़ाने के साथ तत्काल अधिक केंद्र खोले जाकर खरीद शुरू करो*
कामरेड पटेल ने शासन प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अधिक से अधिक केंद्र खोलकर किसानों की उपज ली जावे, जिन किसानों के स्लॉट कैंसिल हो गए हैं उन्हेंप्राथमिकता से पहले लिया जाए, पंजीकृत किसानों की उपज जब तक खरीदी न हो तब तक खरीदी डेट बढ़ाई जाए। नरसिंहपुर जिले में ही गाडरवारा क्षेत्र में 7वेयरहाउस लाइसेंस धारी हैं तो अधिक की अनुमति किसने दी।जब डब्ल्यू आर डी ए का लाइसेंस जरूरी था तो ऐसे वेयरहाउस को केंद्र क्यों बनाया गया, किसकी शह पर अनुमति दी गई है,सरकार तत्काल दोषियों पर कार्यवाही करे।सरकार और प्रशासन दोनों के बीच की नूराकुश्ती साबित कर किसानों के साथ छलावा न करे।
जगदीश पटेल
संयुक्त सचिव मध्य प्रदेश किसान सभा
9827986787
