सांकेतिक चित्र
*आपको तो मजाक करने की आदत है?*
यकीन नहीं है तो आप खुद ही देख लो अपने चारों तरफ आंख उठाकर! सच खुद ब खुद पता चल जाएगा!
सड़क सुरक्षा अभियान चलता है,लेकिन सड़कों पर आवारा मवेशी आफत बने हुए हैं! नशा मुक्ति अभियान चल रहा है लेकिन गांजा दारू खुलके बिक रहा है! सफाई अभियान की बातें की जाती हैं और गलियों की नालियां महीनों से साफ नहीं हो रही! पुलों की रेलिंग टूटी हुई है और आपदा प्रबंधन की बात कर रहे हैं!
इधर किसानों के हित की बात होती है,उधर किसान वेयर हाउस में पीट जाता है! एक तरफ बालिका सुरक्षा सप्ताह मनाते हैं तो दूसरी तरफ अस्पताल में दिनदहाड़े एक मासूम का बेरहमी से कत्ल कर दिया जाता है। न्याय की बात की जाती है लेकिन नवलगांव हत्याकांड का क्या हुआ,किसी को कुछ पता ही नहीं है!
सड़क पर दुर्घटना हो जाती है , दो घंटे में एंबुलेंस तो ढाई घंटे में पुलिस पहुंच पाती है!सरकारी अस्पताल में दवाओं से लेकर योग्य चिकित्सकों की आज भी कमी है,पोस्टर पर तस्वीरें भले ही विकास की लगी हैं! जिले में अनेक गौ शालाएं खाली हैं,इधर सड़कों पर पर गाय मतवाली है!
अफसरों के चक्कर लगा लगा कर चप्पल घिस जाती है, उधर 4th लेवल पर सीएम हेल्प लाइन की शिकायत भी अपने आप कट जाती है। मतलब आप समझ रहे हो ना, ,की, किस तरह का विकास चल रहा है, यह?
स्कूल चलो अभियान तो याद होगा,फिर बारिश में नदी पार करने वाले स्कूली बच्चे भी याद होंगे ही!पहले स्कूल की महंगी किताबें ड्रेस बिक जाती हैं,उसके बाद जबलपुर कलेक्टर की मिसाल याद रह जाती है!
मीडिया की हालत भी शोले मूवी की बसंती की बुड्ढी मौसी के डायलॉग जैसी है, , क्या था वह डायलॉग, , जब मौसी जय से कहती है, , कि, लाख बुराई हो बेटा तुम्हारे दोस्त में, ,लेकिन फिर भी तुम्हारे मुंह से अपने दोस्त की तारीफें ही निकलती हैं!
ऐसा नहीं लगता यह सब कुछ देख सुन कर कि,यह सब मजाक ही तो चल रहा है?जैसे यहां यही सब चलता रहेगा, , जैसा कि बरसों से आज तक चल रहा है, , बस अभियान चलते रहेंगे, , चेहरे बदलते रहेंगे।! मुस्कुराइए आप ज*** में हैं!
