*सरपंच पति राजू, जितेंद्र कौरव और चिचली जनपद सीईओ धनीराम उईके की तिकड़ी का कमाल!: जांच रिपोर्ट में हुआ गोलमाल?: ग्राम पंचायत मोहपानी:जनपद चिचली:नरसिंहपुर*
नरसिंहपुर जिला प्रशासन की कार्यवाही और जांच की शैली को देखने के बाद ग्राम पंचायत मोहपानी के ग्रामीणों को बॉलीवुड मूवी का मशहूर सॉन्ग "वादा तेरा वादा, , वादा तेरा वादा, ,वायदे पे तेरे मारा गया बंदा ये सीधा साधा , ,वादा तेरा वादा" याद आ रहा होगा।
और ऐसा हो भी क्यों न जब मोहपानी से भ्रष्टाचार की अर्थी लेकर आंदोलनकारी जिला मुख्यालय पहुंचे,तब 6/10/24 को जिला कलेक्टर शीतला पटले ने आदिवासी ग्रामीणों को पांच दिन में दस साल की जांच और न्यायोचित कार्यवाही का आश्वासन दे दिया! अमूमन जैसा कि हर धरना प्रदर्शन के बाद होता ही है!लेकिन प्रशासन के इस आश्वासन को आज लगभग चालीस दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस दिखाई दे रही है!
कभी सीईओ सर लंबी छुट्टी पर हैं तो कभी मीटिंग में हैं और कभी अन्य अधिकारी नहीं आए, , जिला पंचायत के अधिकारी मोहपानी मामले में गंभीरता नहीं बरत रहे हैं?
जिसका नतीजा यह है कि भ्रष्टाचारी बेशर्मी की चादर ओढ़कर खुलेआम घूम रहे हैं!तेंदूखेड़ा निवासी जितेन्द्र कौरव (जिस पर अवैध तरीके से पंचायत चलाने का आरोप है,और प्रशासन से जांच की मांग भी की गई) , सरपंच पति राजू और जनपद सीईओ धनीराम उईके की बैठकों का दौर जनपद में चल रहा है!वैसे गबन के मामले में लीपापोती करने के लिए धनीराम उईके पर अन्य ग्राम पंचायतों में भी आरोप लगते रहे हैं!
मोहपानी पंचायत को पर्दे के पीछे से चलाने वाले जितेंद्र कौरव के विरुद्ध ग्रामीणों में इतना आक्रोश उपजा कि पुतला दहन और शवयात्रा निकाल कर अपना विरोध जताया।आखिर क्या वजह है कि जिला पंचायत के अधिकारी ग्रामीणों को जांच प्रतिवेदन सौंपने में आनाकानी कर रहे हैं?इससे तो यह साफ जाहिर होता है कि भ्रष्टाचार और गबन के दोषियों को बचाने के अधिकारी लचर कार्यशैली का सहारा ले रहे हैं!


