*1दिसंबर विशाल चक्काजाम?: मोहपानी महासमर: सड़कों पर उतरेगा ग्रामीणों का हुजूम!: चक्काजाम के माध्यम से प्रशासन को टक्कर देने ग्रामीण हुए मजबूर?: ग्राम पंचायत मोहपानी: जनपद चिचली:नरसिंहपुर*
*ग्रामीणों ने पहले ही प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि उचित कार्यवाही तीस नवंबर तक नहीं होती है तो, ग्रामीणों को आगामी 1 दिसंबर को चक्काजाम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा! ऐसे में अब्रांडोलनकारियों और प्रशासन के सामने दो दिन है तैयारी करने के?
स्थानीय कृषक और पूर्व सरपंच सुमेर इसके स्पष्ट संकेत दे चुके हैं कि, चक्काजाम अंतिम विकल्प है, दरअसल सुमेर सिंह मोहपानी के समाजसेवी और समृद्ध कृषक शेरसिंह राजपूत के छोटे भाई है। मोहपानी आंदोलन में सुमेर सिंह सक्रिय भूमिका निभाते हुए दिखाई दिए!
ऐसे में आने वाले दो दिनों की क्या रणनीति होगी और चक्काजाम किस स्थान पर किया जाएगा? चक्काजाम के दौरान किस तरह के सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जाएंगे,जैसी अनेक बातें हैं,जिन पर ग्रामीणों को विशेष ध्यान देना होगा! संभवतः चेतावनी के अनुसार जब चक्काजाम को दो दिन बचे हैं तब ऐसे में चक्काजाम की रणनीति को लेकर सुमेर सिंह के मार्गदर्शन और पवन, संतोष सुदामा के नेतृत्व में आंदोलनकारियों की रणनीतिक तैयारियां तकरीबन अंतिम चरणों में होंगी!
अब देखना यह है कि,1 दिसंबर को मोहपानी में क्या होता है?इस समय प्रशासन से लेकर आम जनता और मीडिया की निगाह मोहपानी मुद्दे पर टिकी हुई है, क्या दोषियों को मिलेगी सजा?
पूर्व सरपंच लाल बाई, पूर्व सरपंच मुरारी,वर्तमान सरपंच झुनिया और सचिवों पर कार्यवाही सुमेर सिंह की मेहनत और रणनीति का हिस्सा है और ग्रामीणों के न्याय के लिए चल रहा अनिश्चितकालीन धरना निरंतर जारी रहेगा जब तक कि , ,
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