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*पंचायत में गबन की नहीं कहीं सुनवाई,आदिवासियों को अकेले लड़नी पड़ेगी अपनी लड़ाई?: ग्राम पंचायत मोहपानी:जनपद चिचली:नरसिंहपुर*

मोहपानी ग्राम पंचायत में सरपंच पति द्वारा सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर करके सरकारी राशि को खुर्द बुर्द करने और तेंदूखेड़ा के जितेंद्र कौरव द्वारा झुनिया (सरपंच) बाई और सरपंच पति (राजू) के साथ मिलकर खुलेआम पैरेलल पंचायत चलाने का मामला अब गर्माता जा रहा है।इस शोषण के विरुद्ध ग्रामीणों में आक्रोश पनपने लगा है और ग्रामीण आदिवासी धरना प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हुए हैं।

किंतु इस धरना प्रदर्शन की तैयारी पर नज़र डालें तो ऐसा प्रतीत होता है कि,आदिवासियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हुए इस आन्दोलन की लड़ाई खुद ही लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अब तक किसी भी स्थानीय संगठन द्वारा इस आंदोलन को समर्थन नहीं मिल सका है जबकि धरना प्रारंभ होने में मात्र तीन दिन शेष हैं।वहीं अब तक कोई समाजसेवी भी खुलकर सामने नही आएं हैं जो आदिवासियों के कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई को आगे बढ़ा सकें। संभव है कि आदिवासियों के इस मुद्दे पर स्वार्थ की रोटी सेंकने का मौका ना मिल रहा हो इसलिए कोई संगठन या समाजसेवी आगे नही आ पा रहा हो!

जाहिर सी बात है की इस समय आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे सुदामा को प्रत्येक निर्णय सोच समझ कर लेना होगा और अपनी रणनीतियों में जरूरत के मुताबिक बदलाव भी करना होगा। आस पास के ग्रामीणों की नज़र अब सुदामा पर टिकी हुई है, स्थानीय ग्रामीणों ने सुदामा के साथ खड़े होने का साहसिक फैसला करके इस आन्दोलन को आवश्यक गति प्रदान की है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़े हुए इस आंदोलन का नेतृत्व सुदामा कर रहा है, सुदामा के सामने जितेंद्र जैसा मंझा हुआ खिलाड़ी है,जिसकी शासकीय विभागों में गहरी पैठ है,जिसका फायदा उठाकर ही जितेंद्र ने सरपंच पति के साथ मिलकर पंचायत चलाता रहा। अन्याय,शोषण,अत्याचार के विरुद्ध सुदामा ने अपनी आवाज़ को बुलंद किया है।

हालाकी धरना प्रदर्शन स्थल पर आंदोलनकारियों के लिए किस तरह की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, खाने और रुकने के लिए तैयारियां कैसी चल रही है, आंदोलन के लिए फंड की व्यवस्था कैसे की जायेगी?जैसे अनेकों सवाल हैं और समस्याएं हैं,जिन्हे आगामी तीन दिन के अंदर हल करना आवश्यक होगा। सूत्रो से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ संगठनो और समाजसेवियों से आन्दोलन के समर्थन हेतु वार्ता चल रही है लेकिन फिलहाल कोई ठोस निष्कर्ष सामने नही आए हैं,उम्मीद है की शीघ्र ही वार्ता का यह दौर सफल होगा।

जारी : 

दरअसल समाचार सेवा प्रदाता कंपनी stringer24news के सीईओ/फाउंडर स्वास्थ्य संबंधी कारणों से आन्दोलन में सक्रिय भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं, हालाकी समाचार सेवा प्रदाता कंपनी ने अब तक आंदोलन को समर्थन देने की









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