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मोहपानी , चिचली जनपद अन्तर्गत आने वाला गांव नरसिंहपुर जिले से तकरीबन 60|70 km दूर स्थित गांव मोहपानी को कुदरत ने अपनी बेमिसाल खुबसूरती से नवाजा है।एक छोटा गांव होने के बावजूद अपनी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, जो इसे अन्य यात्रा स्थलों से अलग करता है। यह एक सुरम्य स्थान है जहां आप शांतिपूर्णता का आनंद ले सकते हैं और अपनी चिंताओं से दूर रह सकते हैं। 

हालाकी गांव छोटा सा है,बुनियादी सुविधाएं भी यहां ठीक तरह से उपलब्ध नहीं है लेकिन फिलहाल हम गांव के नैसर्गिक सौंदर्य,परंपरा,,संस्कृति के बारे में चर्चा कर रहे हैं।

एक तरफ बलखाती कलकल करती हुई नदी है,तो सामने ही कुदरती संपदा से भरपूर पहाड़ हैं। हरे भरे लहलहाते खेतों के बीच से हिरणों के झुंड का गुजरना बरबस ही मन को मोह लेता है।

पहाड़ों से आते ठंडी शीतल हवाओं के झोंके एक नई ऊर्जा का संचार कर देते हैं।चिड़ियों के कलरव के मधुर संगीत को आप शहर के शोर में कभी महसूस नहीं कर सकते हैं।

गांव भ्रमण के दौरान स्थानीय निवासी और समाजसेवी शेरसिंह राजपूत जी के घर पर stringer24news टीम के चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था थी।

शेर सिंह जी के फार्म हाउस पर पहाड़ों की तलहटी में हरे भरे खेतों के बीच चाय का आनंद लेते समय तितलियों का एक जोड़ा आकर मेरे हाथों पर बैठ गया।अद्भुत अहसास था वह,आप कुदरत के इस जुड़ाव को शहर में महसूस नहीं कर पाएंगे।

ऐसे ही खेत पर अमरूद खाने के दौरान सोन चिड़िया अमरूद पर आकर बैठ गई और पलक झपकते ही अमरूद में अपनी चोंच मारकर फुर्र हो गई। पक्षियों की यह निर्भीकता इंसानी जुड़ाव का नतीजा है।

मिट्टी की सौंधी सुगंध के बीच पहाड़ी फूलों की महक आबोहवा को खुशनुमा बना रही थी।

दोपहर को जब भोजन सामने आया तो भूख पर नियंत्रण करना मुश्किल हो गया था।चावल से लेकर सलाद तक के लिए प्याज, चुकंदर भी घर के खेतों का था।भर्ता बाटी, दाल चावल और सलाद भोजन में परोसा गया। भर्त का लाजवाब स्वाद,मसालों की महक और तीखेपन का जायका अब भी होठों पर बरकरार है।

गांव के समीप ही नदी है, स्थानीय लोग इसे छोटा जबलपुर कहकर पुकारते हैं। काली पथरीली चट्टानों के बीच से बलखाकर गुजरती नदी को देखकर मस्तिष्क में भेड़ाघाट का दृश्य उभरता है,संभव है इसलिए ही इस स्थान को इस नाम से पुकारा जाता है।

नदी के दूसरी तरफ शनि देव का छोटा सा मंदिर है, मंदिर तक जाने के लिए नदी को पैदल ही पार करना होता है। बरसात में रास्ता अक्सर बंद रहता है लेकिन ठंड और गर्मी के दौरान यहां सहजता से पहुंचा जा सकता है।पिकनिक के लिए परफेक्ट स्पॉट कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

पहाड़ की ढलानें ऊँचे, हरे पेड़ों से आच्छादित हैं जो सूर्यास्त के समय आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करते हैं और बहुत भव्य लगते हैं।हर तरफ पक्षी चहक रहे थे। पहाड़ियों और घाटियों को फूलों से आच्छादित देखकर मुझे खुशी हुई।

मोहपानी पहाड़ी दृश्यों, शांति और स्वर्गीय मौसम का आनंद लेने का एक आदर्श स्थान है।चारों ओर बसे हुए वन आपको प्राकृतिक आनंद का अनुभव कराते हैं और आपको एक शांतिपूर्ण माहौल में ले जाते हैं।

शेरसिंह जी,शुभम,यशवंत और अन्य सभी ग्रामीणों का प्रेम,,सम्मान और अतुलनीय स्नेह टीम stringer24news के लिए गौरव का विषय है।








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