ग्राम पंचायत बारहा बड़ा।
स्कूल चले हम अभियान की सफलता का ढिंढोरा पीटने वालों को बारहा बड़ा के इस मार्ग पर चलकर बच्चो के तकलीफों से गुजर कर स्कूल जाने का अनुभव कर सकते हैं और वो अधिकारी भी जो एसी फोर व्हीलर से क्षेत्र का दौरा कर आंकड़ों का जाल बुनते हैं, वो भी कम से कम एक बार तो यहां जा ही सकते हैं।
ग्रामीण कहते हैं कि,ब्लाक चिचली ग्राम पंचायत बरहा बड़ा बार्ड क्रमक 4.5 की रस्ता बहुत खराब हो गई है, जिसमे विगत बहुत वर्षो से ना कोई बजरा ना कोई गिट्टी कुछ नही डाल पा रहा हे, पंचायत कोई ध्यान नही दे रही, यह रस्ता पेट्रोल पंप के यहा की है ,इस मोहल्ले मे करीब 45.50 परिवार निवास करते हैं ,सबने यह फैसला किया है की रोड नही तो बोट नहीं, हम सब चुनाव का बहिस्कर करते है।
हालाकी यह अलग बात है कि प्रशासन को इस तरह की धमकियों से कोई फर्क पड़ता भी है या नहीं?इसके अलावा करेली और इमलिया के ग्रामीण भी अपनी मांगों को लेकर चुनाव बहिष्कार की बात कर चुके हैं लेकिन क्या वाकई में इन ग्रामीणों की इस बात को कोई महत्व भी दिया जा रहा है?हालाकी कुर्सी के धुरंधरों के लिए यह कोरी गीदड़ भभकी है! *नरसिंहपुर में चुनाव बहिष्कार* विशेष रिपोर्ट में आप इस विषय पर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
ग्रामीणों के मुताबिक,
विकास यात्रा मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान मुख्यमंत्री समाधान शिविर प्रचार रथ और अब जन आशीर्वाद यात्राके होने के बाद भी क्या फायदा हुआ नरसिंहपुर जिले की जनता को? या सिर्फ बड़े-बड़े बिल लगाए गए ग्राम पंचायत में? यह हम इसलिए कह रहे हैं कि आप देख सकते हैं
गाडरवारा तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बारहाबड़ा के कुशवाहा मोहल्ला की 18 साल से मध्य प्रदेश में मामा जी की सरकार इसके बाद भी नहीं बन पाई छोटी सी एक किलोमीटर की सड़क।
छोटे-छोटे बच्चे अपने जूते और कपड़े हाथ में लेकर स्कूल जाने के लिए मजबूर है, इन सभी यात्राओं से आखिर क्या हुआ जनता को फायदा आप देख सकते हैं!
यही है सबका साथ सबका विकास
और यही है अमेरिका का जैसी सड़क है
इसी विकास के लिए जन आशीर्वाद यात्रा निकाली जा रही है?
जारी:
बारहा बड़ा के कुशवाहा मोहल्ला के ग्राम वासियों का कहना है किरोड नहीं तो बोट नहीं। इस बार ग्रामीण अपना मन बना चुके हैं,
