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सांकेतिक चित्र।

*ग्राम पंचायत सिमरिया कला:करेली: नरसिंहपुर।*

सचिव राजेश उपाध्याय नही निभा पाए शासकीय सेवक का दायित्व?

सवाल अहम है कि यदि, ग्राम पंचायत में हेर फेर चल रहा है तब ऐसे में सचिव और ग्राम रोजगार सहायक की भूमिका क्या है?

क्या चुपचाप सरकारी बिलों पर हस्ताक्षर कर देना मात्र सचिव की ड्यूटी है? ग्राम पंचायत में चल रही अनियमितताओं को लेकर सचिव और ग्राम रोजगार सहायक की प्रतिक्रिया तय करती है कि, ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार होगा या विकास!

सचिव सरपंच पति पर आरोप लगाकर अपना दामन बचाना चाहते हैं लेकिन बिना सचिव, जीआरएस और अधिकारियों की मिलीभगत के कोई भी हेर फेर कैसे संभव है? क्या सचिव राजेश उपाध्याय सरपंच और सरपंच पति पर दबाव बनाने के लिए वाकई ऐसे कोई दस्तावेज दबाए हुए हैं जो संदिग्ध हैं और जिन्हे जांच के दायरे में आना चाहिए?

इतना ही नहीं,सचिव राजेश उपाध्याय का कहना है कि,उनके पास दस्तावेजों में तमाम काला चिट्ठा मौजूद है जो यह तो साबित करता है कि पंचायत में अनियमितताए बरती गई,स्वाभाविक है कि यह सब बिना सचिव की जानकारी के तो नही हो रहा था, तो जो अनियमितताएं बरती गई उनके सहयोगी और दोषी क्या सचिव राजेश उपाध्याय नही है? क्यों की उनकी जानकारी में तो सब कुछ था ही!

दरअसल सचिव के द्वारा लिपिकीय कार्य और धन का लेखा जोखा रखने का कार्य किया जाता है, सचिव के द्वारा ऑडिट के लिए इस लेखे जोखे को मुहैया कराना होता है।किन्तु यहां तो सचिव अपने बचाव में काला चिट्ठा सहेजकर रख रहे हैं।ग्राम सचिव ग्राम पंचायत और सरकार के बीच की एक कड़ी होता है और जब यही कड़ी कमजोर पड़ जाए तब?

जारी : 

स्टिंग ऑपरेशन में कैमरे में क़ैद हुआ सच का वह रूप जिसे देखकर आप भी विचलित हो 


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