https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_nXYDircpji_NBp4Y2oyo8rhVeU-DuXusJaP3AW8


 


 


 



।। विवेचना ।।

*ग्राम पंचायत सिमरिया: जनपद करेली: नर.।:आरोप : कार्यवाहियां और जांच प्रक्रिया।*

स्थानीय ग्रामीण और पंचायत में पंच के पद पर नियुक्त हल्के वीर कुशवाहा ने जो आरोप लगाए हैं वे बेहद ही गंभीर है।पंचायत में मनमानी, जन हितैषी योजनाओं में गोलमाल,अनियमितता और अराजकता के आरोपों के बाद से ही मामले ने तूल पकड़ लिया है।

यहां हम आपको एक बार फिर यह बताना चाहेंगे कि, भले ही आज महिलाओं के लिए पंचायतों में चुनकर आना आसान ज़रूर हो गया है लेकिन अधिकांश जगहों में सरपंची की डोर उनके पतियों और परिवार के हाथ में दिखाई देती है,जबकि ये सरपंच महिलाएं घर-परिवार और चूल्हे चौके में ही उलझी हुई रहती हैं।

सरपंच सपना कौरव द्वारा पद का दुरुपयोग और मनमानी करने की जो वजह ग्रामीण हल्के वीर ने शिकायती आवेदन में बताई है,वह वाकई काबिले गौर है।आरोप है की,सरपंच के घर से ही पांच सदस्य पंचायत में उप सरपंच और पंच के पद पर पदस्थ है।

सरपंच : सपना कौरव 

उप सरपंच : आशीष कौरव (देवर)

पंच : विवेक कौरव (सरपंच पति)

पंच : सावित्री कौरव (बड़ी सास)

पंच : सुधा कौरव (चाची सास)

वहीं सचिव राजेश भी इन गंभीर आरोपों की काली छाया से नही बच सके हैं।ग्राम पंचायत में उठा भ्रष्टाचार का यह मुद्दा आगामी दिनों में सचिव के गले की फांस साबित होगा?

हालाकी इस मामले को लेकर सरपंच सपना का कहना है कि, हल्के वीर चुनाव में हमारा प्रतिद्वंदी था और चुनाव हार जाने की वजह से वह बेबुनियाद शिकायतें कर रहा है।

यहां हम फिलहाल अधिकारियों की बात करें तो, मामले पर जांच को लेकर अधिकारी फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं!शायद इसलिए की कहीं महिला सशक्तिकरण की पोल ना खुल जाए?हालाकी विभागीय जांच और कार्य शैली से आम जनता भली भांति परिचित है ही।

"सरपंच बड़े घर के लोग हैं।"अब तक अनेक आवेदनों में शिकायत के दौरान मैंने यह लाईन लिखी देखी है और इसे ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान महसूस भी किया है।यह आज के दौर की कड़वी सच्चाई है।इससे यह साबित होता है कि लोग आज भी कहीं ना कहीं अन्दर से डरे हुए हैं।

पानी में रहकर मगर से बैर कौन करे की तर्ज पर चुप रहना इनकी मजबूरी है और जाहिर सी बात है कि,खामोशी की यह मजबूरी कुछ लोगों के लिए ढाल का काम भी करती है।

जाहिर सी बात है कि, ग्राम पंचायत सिमरिया का मामला प्रकाश में आते ही अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा जांच के आदेश जारी कर दिए जाने चाहिए थे, लेकिन दिनांक 22 अगस्त को शिकायती आवेदन दिए जाने के बाद से अब तक अधिकारी मामले की गम्भीरता को ही नहीं समझ पाए हैं? हालाकी विभागीय सूत्रों की माने तो सिमरिया मामले में सचिव राजेश पर जल्द ही कार्यवाही की गाज गिर सकती है,संभवतः सचिव को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

जारी : 

Previous Post Next Post

📻 पॉडकास्ट सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

🎙️ Stringer24News Podcast

🔴 देखिए आज का ताज़ा पॉडकास्ट सीधे Stringer24News पर