*ग्राम पंचायत बेदू: गोटेगांव:नरसिंहपुर।*
सूचना के आधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी गई जानकारी सचिव मेरसिंह नही दे पाए।दरअसल ग्राम पंचायत में संभ्रांत एवम स्वर्ण महिलाओं के साथ कुछ और अन्य ग्रामीण महिलाओं के नाम पर मनरेगा मजदूरी का भुगतान किया गया, एवम स्वप्निल नमक युवक के नाम पर बिल लगाए गए व अमृता ट्रेडर्स के नाम पर भी बिलों में भुगतान किया गया,पहली नजर में ही बिलों में संदिग्धता दिखाई दी।
जॉब कार्ड संख्या 34001068001/482 फैमिली आईडी 482, 34001068001/483 फैमिली आईडी 483 में दर्ज महिलाएं मजदूर थी,या फिर, , ?
क्या सचिव मेरसिंह यह बताने की जहमत उठाएंगे की आखिर किस नियम के अंतर्गत संभ्रांत संपन्न दबंग स्वर्ण परिवार एवम कुछ और अन्य ग्रामीण महिलाओं के नाम पर मनरेगा मजदूरी का भुगतान किया गया था।
जब हमने ग्रामीणों से आगे वार्ता करने की कोशिश की तो ग्रामीणों के चेहरे पर डर के निशान देखे गए। हालाकि ग्रामीणों ने दबी जुबान में यह अवश्य कहा की प्रशासन यदि पारदर्शी और निष्पक्ष जांच करे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।
जब सचिव से इस बाबत जानकारी मांगी गई तब वे कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके।अपनी पोल खुलती देख सचिव इस कदर हड़बड़ा गए की, सच सामने ना आ पाए इसे लेकर तरह तरह की तिकड़म आजमाने लगे,, जब इतने पर भी बात नहीं बनी तो मेरसिंह ने दबंग स्वर्ण परिवार के युवक से stringer24news संवाददाता को धमकाकर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
इसके पूर्व भी ग्राम बेदू में गांजा बेचने वाले हक्कू नामक शख्स की खबरें प्रकाशित की गई थी तब भी गांजा विक्रेता को संरक्षण देने के लिए पत्रकार पर दबाव बनाने की नियत से धमकियां दी गई थी।
कितनी हैरानी की बात है की एक गांजा विक्रेता को बचाने के लिए स्वर्ण दबंग परिवार पत्रकार को मार देने की बात करता है!
पत्रकार को धमकाने के विरोध में टीम स्ट्रिंगर 24 न्यूज के साथ ग्रामीण वर्ग,कृषक, स्थानीय संगठन, युवा छात्र लामबंद होने लगे हैं।अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर किए गए हमले पत्रकारों की सुरक्षा के लिहाज से अच्छे संकेत नहीं है। हम ऐसी घटना की निंदा करते हैं।
जारी :
