ग्राम कोटरी।
नरसिंहपुर जिले के विकास की तस्वीरें आपने फ्लेक्स, सोशल मीडिया और अखबारों में खूब देखी होंगी। लेकिन stringer24news आपके सामने जिले के विकास के मॉडल की तस्वीरें लेकर आया है जहां सूरज ढलते ही गांव डूब जाता है अंधेरे के सागर में।
विगत चार सालों से ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर है।पिछले चार वर्षों से ट्रांसफार्मर खराब पड़ा हुआ है। इससे गांव के ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।लेकिन इसके बाद से अब तक न तो ट्रांसफार्मर को बदलवाया गया और न ही बिजली कंपनी के कर्मचारी आए।
इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन उनकी तरफ से खानापूर्ति के आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
खराब ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए अनेकों बार विभाग को कहा गया,लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ,गांव जंगल से घिरा है,गांव में सांप-बिच्छू समेत अन्य विषैले जीव-जन्तुओं के अलावे हाथी निरंतर घूमते रहते हैं, जिससे अंधेरे में ग्रामीणों को खतरा भी बना रहता है।इसके बावजूद न तो अधिकारी गंभीर हैं और न ही जनप्रतिनिधि।
ग्रामीणो का कहना है कि उनकी आंखे बिजली के लिए तरस गई है।बिजली नही होने से जहां बच्चो की पढ़ाई बाधित हो रही है, वहीं ग्रामीणों को भी अन्य कार्यों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चार सालों में अब तक ना जाने अधिकारी आए और चले गए लेकिन कोटरी की जनता आज भी बिना बिजली के रह रही है।
सालों से इस गांव के ग्रामीण बिजली की सुविधा मुहैया कराने के लिए विभागीय अधिकारी के चक्कर लगा रहे हैं,लेकिन हालात जस के तस हैं।ऐसा नहीं की गांव वालों ने कोई प्रयास नहीं किया, ग्रामीणों ने सांसद, विधायक से लेकर अफसरों तक से शिकायत की लेकिन आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई।
क्या कहते हैं ग्रामीण सुनिए :
जारी :
