खैरी: जनपद चिचली:नरसिंहपुर।
जिला कलेक्टर सुश्री रिजु बाफना को इस मामले पर गम्भीरता से ध्यान देना चाहिए। जब विकास के दावे किए जा रहे हों तब जिले के ग्रामीण क्षेत्र की यह तसवीर अनेकों सवाल खड़े करती है।
चार साल से मध्याह्न भोजन चूल्हे पर पकाया जा रहा है और प्रशासन विकास के दावे कर रहा है!कितनी हैरानी की बात है कि,शासन के आदेश के बावजूद मध्याह्न भोजन चूल्हे पर बनाया जा रहा है।
चूल्हे से उठने वाले धुएं से बच्चों, शिक्षकों और रसोइयों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है।धुंआ स्कूल के कमरों में अक्सर भर जाता है। बारिश में लकड़ी गीली होने पर सही तरीके से नहीं जलती है। जिससे काफी परेशानी हो रही है।धुएं से मासूम बच्चों का दम घुटने लगता है।
क्या लकड़ी पर एमडीएम बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?शिक्षा अधिकारी जांच करने का निर्देश कब करेंगे जारी?
अधिकांश स्कूलों में किचन शेड स्कूल के समीप बने हुए हैं और ऐसे में यदि भविष्य में कोई आग लगने की घटना होती है तो स्कूल के बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है।
जारी :
सनसनी खेज खुलासा
क्या बचत के लिए चूल्हे पर खाना बनवाया जा रहा है?क्या बच्चो के हक पर डाका डाला जा रहा है?मिड-डे मील में गड़बड़ी की असल वजह क्या है? क्या घोटाला होता है या लापरवाही की वजह से बच्चों को ढंग से मिड-डे मील नहीं बंट पाता?




