नरसिंहपुर।
जिले को अपनी लापरवाही और निजी स्वार्थों से जितना नुकसान लोक सेवक,अधिकारी और प्रशासनिक सेवक पहुंचा सकते हैं उससे कहीं अधिक नुकसान पहुंचाया है चाटुकारों ने।
नदी किनारे पहुंच जायेंगे,जन्मोत्सव में पहुंच जायेंगे,रैली और धार्मिक सभाओं में अपनी चाटुकारिता से तस्वीरों में अव्वल आयेंगे लेकिन नही उठाएंगे तो जनता के हित के सवाल।जनता की तकलीफों से इन्हे कुछ लेना देना नहीं है ये महज अपनी प्रसिद्धि के भूखे हैं।अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों और ग्राम प्रधान की चाटुकारिता में तत्पर रहने वाले अपनी जिम्मेदारी भूल गए हैं।
जिले की स्थिति कितनी बदतर हो गई है आज यह सच सबके सामने है किंतु चाटुकार अपने आकाओं से सवाल पूछने की हिम्मत नही जुटा पाए जिसका नतीजा यह निकला कि जनता ने अब न्याय की उम्मीद छोड़ दी है।समझौतों और मजबूरी में जीने वाली आम जनता के साथ छल करके भी चाटुकार अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने से भी कोई परहेज नहीं करते हैं।
जनता को ऐसे दिखाते हैं जैसे धर्मराज युधिष्ठिर के उत्तराधिकारी मात्र यही है और जो इनके द्वारा कहा जा रहा है सिर्फ वही सच है बाकी सब झूठ।और तो और ये अपने आप को न्याय पालिका सी भी ऊपर समझते हैं।
कुछ चाटुकार जो नौसिखिए है वे कभी कभी दूसरों के लेख और खबर चुराकर अपने आप को अपने आकाओं को नजरों में बेहतर साबित करने की जी तोड़ कोशिश में लगे रहते हैं।
चाटुकारिता के इन कीड़ों ने भ्रष्टाचारियों की दहलीज पर अपना आशियाना बना रखा है ताकि इनके आकाओं की कृपा दृष्टि इन पर बनी रहे।
कुछ चाटुकार और भी आगे निकल गए हैं इतने आगे की सट्टा जुआ और नशे के कारोबारियो के तलवे चाटने से भी इन्हे कोई परहेज नहीं चाहे चाहे जिले के नौनिहाल इन अवैध कारोबारियों के लालच की भेंट ही क्यों न चढ़ जाए।
जिले का बेड़ा गर्क करने में सिर्फ भ्रष्टाचारी ही नहीं ऐसे चाटुकारों का भी बहुत बड़ा योगदान है।किंतु विडंबना यह है की भ्रष्टाचारी की दहलीज पर टुकड़े तोड़ने वाले ये चाटुकार न सिर्फ झूठ के सहारे आगे बड़ने की मंशा रखते हैं,और जनता को धोखा देते हैं, बल्कि सच सामने लाने वाले को ही झूठा साबित करने में एड़ी चोटी का जोर लगा देते हैं।