किसान विगत सात वर्षों से चिल्ला रहा है कि, मेरी विद्युत लाइन सुधारी जाए।लेकिन हर बार आवेदन,शियायत और अनुरोध के बाद सिर्फ आश्वासन देकर किसान को टालने की कोशिश की गई।वर्ष दो हजार तेरह से लेकर वर्ष दो हजार इक्कीस तक किसान करुण गुहार लगाता रहा किंतु हर बार नियमों का हवाला देकर महज आश्वासनों के जरिए टालकर उसे खाली हाथ वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया।
ग्राम बेलखेड़ी (रहम) के शिकायत कर्ता कृषक लीलाधर वर्मा के अनुसार वर्ष 2013 के दौरान आए तूफान में दो खंभे और विद्युत लाइन क्षति ग्रस्त हो गई थी।किसान द्वारा नियमानुसार वर्ष 2016-2019 और 2020 के बिलों का भुगतान कर विद्युत विभाग को अपनी शिकायतों से अवगत कराया गया। विद्युत् लाइन क्षति ग्रस्त होने के चलते फसल में आग लगने की संभावना और मवेशियों की जान के लिए भी खतरा बना हुआ है,किंतु आज दिनाक तक विभाग द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।
जहां एक और विभाग विद्युत चोरी की घटनाएं रोकने में नाकाम है।तब क्या इसे यह समझा जाए की ऐसी परिस्थितियों में नियमित ग्राहकों को परेशान कर विद्युत विभाग अपनी भड़ास व्यक्त करना चाहता है।