ग्राम पंचायत भूमियाढाना।
शिकायत कर्ता द्वारा लगातार विभिन्न विभागों में शिकायत किया जाना और यकायक सभी विभागों में को गई शिकायत पर कदम पीछे खींच लेना बहुत कुछ बताता है जिस पर हम आगे चर्चा करेंगे।फिलहाल शिकायत कर्ता द्वारा पंचायत पर लगाए गए गबन के आरोप और ग्राम प्रधान द्वारा आरोपों के खंडन ने एक मैदानी तमाशा खड़ा कर दिया है।जिसकी आड़ में सच भी दबा दिया गया प्रतीत होता है।लापरवाही और अनियमितता के आरोप हंसी मजाक बनकर रह गए।शिकायत को धमकी और शस्त्र की तरह उपयोग करने की कोशिश की गई।जनहित की शिकायतों के स्थान पर व्यक्तिगत आक्षेप का खेल बदस्तूर जारी है।लापरवाही का आलम यह है की सूचना के अधिकार अधिनियम का भी मजाक बनाकर रख दिया गया।
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