नरसिंहपुर।
कई बार ओवर लोड ट्रैक्टर ट्रालियों की चपेट में आकर अनेक लोग हादसे का शिकार बन चुके हैं।
कई बार पीड़ितों को दुर्घटना के बाद कोई लाभ नहीं मिल पाया, क्योंकि ट्रैक्टर-ट्रॉली के दस्तावेज, बीमा नहीं था। जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यावसायिक बीमा होना चाहिए था।
जानकार बताते हैं कि ट्रैक्टर ट्राली का व्यवसायिक तौर पर प्रयोग करने पर जिला ट्रांसपोर्ट विभाग तुरंत जब्त कर भारी भरकम जुर्माना वसूल कर सकता है। व्यवसायिक प्रयोग के लिए जरूरी है कि संबंधित ट्रैक्टर का मालिक ट्रैक्टर का रोड टैक्स विभाग के पास जमा करवाया जाए। साथ ही निश्चित समय सीमा के बाद ट्रैक्टर का फिटनेस सर्टीफिकेट भी विभाग से प्राप्त किए जाएं।
ट्राली के पीछे हेडलाइट नहीं होती जिसकी वजह से पीछे चलने वाले यात्री अक्सर दुर्घटना का शिकार बन जाते है | शादी-बारात, मेले, धार्मिक स्थलों पर होने वाले आयोजनों में, फसलों को लाते-ले जाते समय असुरक्षित तरीके से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बड़ी संख्या में बैठ कर आवागमन करते हैं। जिसके कारण भी कई बार कुछ दुर्घटनाएं हुईं हैं।ट्रॉली का ट्रेक्टर से अधिक चौड़ा होना जिससे पीछे वाले वाहन को देखने में असमर्थता होती है जिसकी वजह से हादसे की आशंका बड़ जाती है।
वहीं दूसरी ओर गन्ने की ढुलाई में भी अराजकता और अवमानना दिखाई दे रही है।सूत्र बताते हैं कि नियमानुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली पर अधिकतम 40 क्विंटल वजन लाद सकते हैं।
वर्जन - जिला परिवहन अधिकारी -:
ट्रैक्टर ट्रालियों द्वारा ओवर लोडिंग किए जाने और यातायात के नियमों के उल्लंघन को लेकर फोन वार्ता पर चर्चा के दौरान परिवहन अधिकारी द्वारा बताया गया कि हर वाहन की क्षमता के हिसाब से वजन ढोने की क्षमता अलग हो सकती है किंतु विभाग द्वारा लगातार समझाइश दी जा रही है व चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने हेतु विभागीय स्तर पर कोशिशें जारी हैं।