नरसिंहपुर।
गुप्त सूत्रों से प्राप्त सूचना और स्थल की स्थिति स्पष्ट करते हैं कि, रेत के कारोबार में है हेर फेर!
गुप्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बरमान चौकी अंतर्गत शगुन घाट में नियमों को ताक पर रखकर अति उत्खनन किया गया है।
सूत्रों की माने तो कंपनी विशेष के सदस्य किसी भी खदान से रेत नही उठाने दे रहे हैं,इस पर हमेशा यह कहा जाता रहा है कि वह उनके क्षेत्र में आती हैं,किंतु यह बड़े आश्चर्य की बात है की जो खदाने उनके क्षेत्र में नहीं आती हैं वहां पर भी सिर्फ यह अपना राज चला रहे हैं।
वहीं रेत के कारोबार को लेकर अक्सर हथियार बंद युवकों के समूह की आपसे टकराहट की चर्चाएं भी खबरों और सोशल मीडिया का हिस्सा बनती रही हैं।अक्सर हथियार बंद युवकों के समूह की टकराहट स्थानीय ग्रामीणों से भी होती रहती है।
नाम ना छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया की जब तक जिले में वंशिका कंपनी कार्य कर रही थी तब तक स्थितियां इतनी विकट नहीं थी,आज तो यह हाल है की प्रधान मंत्री आवास बनाने वाले हितग्राहियों को रेत के लिए अनगिनत पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
संबंधित क्षेत्र में जहां एक और नर्मदा की स्थिति बदतर होती जा रही है वहीं दूसरी ओर जलीय जीवों का जीवन भी खतरे में आ गया है।यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी की जिले में खुलेआम नर्मदा का सीना छलनी कर रहा है रेत माफिया !रेत के इस खेल में बड़े स्तर पर मिलीभगत की चर्चाओं से भी शहर का बाजार गर्म है।
क्या इसकी सूचना खनिज अधिकारी को नहीं है? क्या ऐसा हो सकता है की दिन दहाड़े अवैध रेत उत्खनन हो रहा हो और जिम्मेदारों को पता नहीं?
जब हमने इस बारे में तेंदुखेड़ा तहसीलदार से पूछा कि बरमान चौकी अंतर्गत आने वाले शगुन घाट से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही है कि वहां दिन दहाड़े अवैध उत्खनन किया जा रहा है इस विषय पर विभाग आखिर क्या कार्यवाही कर रहा है?तब फोन वार्ता पर चर्चा के दौरान तहसीलदार द्वारा बताया गया कि अभी ऐसी कोई ठोस शिकायत या जानकारी सामने नहीं आई है,जैसे ही कोई जानकारी प्रात होती है तो विभाग इस पर जरूर ठोस कार्यवाही करेगा।
वहीं जब खनिज अधिकारी से पूछा गया कि,यह बात कितनी सत्य है की रेत के खेल में मिलीभगत की चर्चाएं सामने आ रही हैं,यहां तक कि कथित पत्रकारों, छूट भईए नेताओं और स्थानीय दबंगों की संलिप्तता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।इस पर खनिज अधिकारी द्वारा स्पष्ट कहा गया की इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।जब हमने उनसे संबंधित विषय पर कार्यवाही के बारे में बात की तब खनिज अधिकारी द्वारा बताया गया कि कल भी शगुन घाट पर टीम भेजी गई थी लेकिन मौके पर ट्रैक्टर ट्राली इत्यादि नहीं पाए गए।हालाकि लगातार मॉनिटरिंग जारी है।
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