नरसिंहपुर।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद आरटीओ अधिकारी ऑटो चालकों पर सख्त हुए जिसका नतीजा यह निकला कि कुछ ऑटो चालकों द्वारा तो दस्तावेजी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करवा ली गई किंतु वहीं दूसरी ओर अब भी अनेक ऑटो चालकों द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई। जानकार बताते हैं कि इस घटना के बाद अंदरूनी तौर पर हालात यह है कि ऑटो चालक दो धड़ों में बंट गए पहला वह जिसने अपने कागजात तैयार करवा लिए हैं और दूसरा वह जिसके कागजात अभी तक तैयार नहीं हुए।वहीं जिन्होंने कागज तैयार करवा लिए हैं उनके द्वारा यह कहा जा रहा है कि वे उन ऑटो चालकों का विरोध करते हैं जो बिना कागजात के अब भी वाहन दौड़ा रहे हैं।गुप्त सूत्रों के अनुसार मामले को तुल पकड़ने नही दिया गया व आपसी सहमति पर सभी ऑटो चालकों ने एक सुर होकर अनमने मन से दूसरे पक्ष की बातों से सहमति जताई।ताकि वे जल्द ही रकम इकट्ठी कर दातावेजी प्रक्रिया पूर्ण कर सकें।नाम ना छापने की शर्त पर कुछ ऑटो चालकों ने बताया कि यह गलत है हमने जैसे तैसे पैसे इकट्ठे कर गाड़ी के कागजात तैयार करवाएं हैं किन्तु अब भी कई ऑटो चालकों द्वारा कागजात तैयार करवाने में लापरवाही पूर्वक ढील डाली जा रही है।
वहीं प्रशासन भी ऐसे हालात में असमंजस की स्थिति में है।हालाकी विभाग मानवीयता के आधार पर कार्यवाही करने के दावे करता है ताकि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।अब यह कसौटी पर कितना खरा उतरता है यह भविष्य की स्थितियों पर निर्भर करेगा।