जहां एक ओर नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल द्वारा जुए सट्टे और देह व्यापार को लेकर एसपी नरसिंहपुर और करेली पुलिस को सवालों के घेरे में लिया हैं, वहीं दूसरी तरफ गाडरवारा में भी जुए सट्टे और मादक पदार्थों की बिक्री को लेकर पुलिसिया कार्रवाई पर असंतोष जाहिर करते हुए विरोध का स्वर उठने लगा है।
अमन और शांति पसंद जिले में बढ़ते अपराधों और मादक पदार्थों की जोरदार बिक्री ने शहर की शांति और सुकून को ग्रहण लगा दिया है।क्या वजह है की अपराधियों के हौसले बुलंद हैं यहां तक कि अब पत्रकारों को भी निशाना बनाया जाने लगा है,अवैध नशे के कारोबारी शहरी और ग्रामीण अंचलों में बेखौफ पैर पसार रहे हैं।
क्यों प्रशासन नशे की बिक्री को रोकने में बुरी तरह नाकाम है?जबकि जुए सट्टे और नशे ने युवाओं को बर्बाद करके रख दिया है, जिससे युवाओं के साथ-साथ उनके पूरे परिवार भी बर्बादी की कगार पर है।अधिकतर अपराधिक घटनाओं की वजह नशा ही है। युवाओं को मादक पदार्थ खरीदने के लिए जब पैसे की जरूरत पड़ती है तो वह अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से भी पीछे नहीं हटते हैं। जिले में अरसे से चोरी, नशे के सामान और अवैध शराब बिक्री करने वाले खुलेआम अपना काम कर रहे हैं सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए जाने लगे हैं की क्या यह सारा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है।शहर की शांति के लिए क्या जिले की आम जनता को पहल करते हुए अपने स्तर पर पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं देना चाहिए ?