पिपरसरा को अंदर से चट कर रहा है?: चंदन सिंह लोधी का खेल!
आज हम आपको ले चल रहे हैं मध्य प्रदेश के गोटेगांव जनपद के उस अंचल में, जहाँ विकास के नाम पर एक ऐसा भ्रष्टाचारी साया मंडरा रहा है, जिसकी दास्तान सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे!
यह कोई आम कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसी दीमक की दास्तान है जो इंसान की शक्ल में आकर एक पूरी पंचायत को अंदर ही अंदर जिंदा खा रही है!
जरा सोचिए, एक ऐसी पंचायत, जहाँ की भोली-भाली जनता खून-पसीने की गाढ़ी कमाई से पेट काटती है, और पीछे से कुछ लोग उस पंचायत को अंदर ही अंदर किसी लाइलाज बीमारी की तरह चाट रहे हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं ग्राम पंचायत पिपरसरा की!
इस किरदार के रूप ऐसे बदलते हैं कि रंग बदलने में गिरगिट भी इनसे शर्मा जाए!कभी कागजों पर आम इंसान यानी 'जनसामान्य' बनकर गरीबों के हिस्से का निवाला छीना जाता है, तो कभी रातों-रात चोला बदलकर वही शख्स एक 'लघु दुकानदार' बन जाता है! कभी मजदूर, कभी दुकानदार, कभी आम नागरिक! आखिर एक ही इंसान इतने सारे रूप बदलकर सरकारी खजाने के किस गुप्त दरवाजे से तिजोरी साफ कर रहा है?
नाम है चन्दन सिंह लोधी!
जैसे ही फर्जी बिलों का यह जाल पोर्टल पर अपलोड होता है, बिना किसी जांच के, बिना किसी रोक-टोक के... सिस्टम की काली छाया के तले पलक झपकते ही भुगतान की मुहर लग जाती है-Payment Status: Yes! वाह रे तंत्र! जनता ठंड में ठिठुरे या सड़कों के गड्ढों में जान गंवाए, लेकिन इन चेहरों की जेबें भरने में इस सिस्टम को एक सेकंड की भी देर नहीं लगती!
यह सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि पिपरसरा की भोली-भाली जनता के सीने पर मूंग दलने जैसा जघन्य पाप है!
कोरेगांव, सिलवानी, कुण्डा और मुरदई में भी चन्दन सिंह लोधी रूप बदलते हुए दिखाई देते हैं!
क्या पिपरसरा की इस माटी पर अब कोई पहरेदार नहीं बचा? क्या इन सफेदपोश दीमकों के आगे पूरा प्रशासन नतमस्तक हो चुका है?
