अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर सोमवार को नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर “स्वच्छ नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को अनाउंसमेंट के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे एवं जिला अस्पताल के एपिडेमियोलॉजी विभाग से डॉ. गुलाब खातरकर ने रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों और स्वच्छ वायु के महत्व के प्रति जागरूक किया।
रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हवा में मौजूद रासायनिक, भौतिक एवं जैविक तत्वों के कारण बाहरी अथवा घर के अंदर की हवा सांस लेने के लिए सुरक्षित नहीं रहती है, जिसे वायु प्रदूषण कहा जाता है।
डॉ. कुर्रे ने बताया कि प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक सूक्ष्म कण सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंचकर रक्त में मिल सकते हैं और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक प्रदूषित वायु के संपर्क में रहने से कैंसर सहित अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, ओजोन तथा ईंधन, पेंट और सॉल्वेंट से निकलने वाले वाष्प भी वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
🚗 वाहन उत्सर्जन
🏭 कारखानों से निकलने वाला धुआं
🛣️ सड़क निर्माण एवं उड़ने वाली धूल
⚡ कोयला आधारित बिजली संयंत्र
🌾 खेतों में पराली जलाना
डॉ. आर.आर. कुर्रे ने बताया कि WHO के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में वायु प्रदूषण के कारण विश्वभर में लगभग 42 लाख लोगों की असामयिक मृत्यु हुई। वहीं दुनिया की लगभग 99 प्रतिशत आबादी WHO के निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषित हवा में सांस ले रही है।
उन्होंने कहा कि हर छोटा स्थानीय प्रयास हमें स्वस्थ, स्वच्छ और नीले आसमान की ओर ले जाता है। स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर भविष्य के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए वायु प्रदूषण को कम करने में योगदान देना चाहिए।
रेलवे चिकित्सक, नरसिंहपुर
