मंत्री के घर संयुक्त किसान मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 17 से 25 अगस्त तक चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी ज्ञापन सप्ताह के तहत गाडरवारा के शक्तिधाम चौक पर सैकड़ों किसान एकत्रित हुए। यहां किसान सभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता रामशरण कौरव ने की।
सभा के बाद किसान नारेबाजी करते हुए विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के निवास पर रैली के रूप में पहुंचे। किसानों ने मंत्री के निज प्रतिनिधि दीपसिंह लांगिया को ज्ञापन सौंपा और मांगों से संबंधित प्रश्न विधानसभा में लिखित रूप से उठाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2020-21 के किसान आंदोलन के बाद सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों को अब तक पूरा नहीं किया गया है। किसानों ने कहा कि चुनाव के दौरान धान का भाव 3100 रुपये प्रति क्विंटल, गेहूं का भाव 2700 रुपये प्रति क्विंटल तथा गन्ने पर 50 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि देने के वायदे किए गए थे, लेकिन इन वायदों पर अब तक अमल नहीं हुआ।
- C2+50 प्रतिशत फार्मूले के आधार पर सभी फसलों की MSP की कानूनी गारंटी और MSP पर खरीद की गारंटी दी जाए।
- सम्पूर्ण कर्ज मुक्ति के तहत किसानों और खेत मजदूरों के सभी कर्ज माफ किए जाएं।
- किसान-मजदूर पेंशन के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी किसानों को 10,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए।
- भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता (FTA) रद्द किया जाए।
- बिजली का निजीकरण बंद किया जाए। विद्युत संशोधन बिल 2022/2025 वापस लिया जाए तथा स्मार्ट मीटर और प्रीपेड योजना बंद की जाए।
- चार श्रम संहिताएं (Labour Codes) रद्द की जाएं।
- बीज विधेयक 2025 और नेशनल पॉलिसी फ्रेमवर्क ऑन एग्रीकल्चर मार्केटिंग वापस लिया जाए।
- सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण बंद किया जाए।
- NTPC द्वारा गाडरवारा क्षेत्र में मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाए तथा प्रभावित किसानों को स्थायी नौकरी दी जाए।
- धान की MSP पर 100 प्रतिशत खरीदी की जाए तथा भावांतर योजना समाप्त की जाए।
- सभी फसलों को MSP पर खरीदने की कानूनी गारंटी दी जाए।
- गन्ने का रेट 600 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए तथा चुनाव के समय किए गए वायदे के अनुसार 50 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए।
- ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को एक माह के अंदर बदला जाए तथा क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों और केबलों को तत्काल बदला जाए।
- खाद वितरण में टोकन व्यवस्था समाप्त कर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
- स्कूल भवनों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाए।
- सालीचौका कॉलेज भवन की स्वीकृति देकर निर्माण कराया जाए तथा खाली पड़े पद तत्काल भरे जाएं।
- खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाए तथा ग्रामीण कच्चे रास्तों पर पुल-पुलियों सहित निर्माण कराया जाए।
- मंडी एवं MSP पर बेची गई मूंग की सूची निरस्त कर मूंग बेच चुके सभी किसानों को 100 प्रतिशत भुगतान अतिशीघ्र किया जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने कहा कि 26 नवंबर 2026 को 100 शहरों में होने वाले किसान मार्च से पहले मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।
किसानों ने कहा कि मंत्री जी किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ उनके साथ खड़े हों और किसानों की मांगों को सदन में उठाकर लिखित समर्थन दें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा नर्मदापुरम-गाडरवारा लोकसभा क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी के नाम भी ज्ञापन मंत्री के निज प्रतिनिधि को सौंपे गए।
सभा को प्रभात पटेल, नरेंद्र वर्मा, रामसिंह वर्मा, संतोष वर्मा, त्रिलोचन कौरव, नन्हेलाल वर्मा, करणसिंह अहिरवार, शिवकुमार पटेल, संयुक्त किसान मोर्चा के बृजमोहन कौरव एवं जगदीश पटेल ने संबोधित किया।
