पंचायत मंत्री जी के 'डिजिटल और पारदर्शी' विकास के दावे! : दहलवाड़ा पंचायत में आपका स्वागत है! : जनपद साईंखेड़ा
वाह री व्यवस्था! और वाह रे हमारे पंचायत मंत्री जी के 'डिजिटल और पारदर्शी' विकास के दावे! जरा ग्राम पंचायत दहलवाड़ा (जनपद साईं खेड़ा) का यह चमचमाता हुआ कारनामा देखिए।
📌 संदाय प्रमाणपत्र या भ्रष्टाचार का दस्तावेज?
जरा इन बिलों को ध्यान से निहारिए। यह संदाय प्रमाणपत्र भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसाल है। बिल पास करने वाले साहबों की 'मंजूरी' वाली मुहर तो इतनी तगड़ी चली है कि पूछिए मत, लेकिन बिल के अंदर का सच सुनकर आप अपना सिर पकड़ लेंगे!
जनपद अधिकारी ने बिना सिर-पैर का बिल भी पास कर दिए! ये तो वही बात हो गई — अंधा बांटे रेवड़ी!
🚛 क्या परिवहन हुआ? भगवान जाने!
बिल में लिखा है 'परिवहन कार्य'... लेकिन किस चीज का परिवहन हुआ? गिट्टी, बालू, मिट्टी, या सीधे जनता के पैसों का परिवहन जेबों तक कर दिया गया? इसका कोई अता-पता नहीं है!
आखिर क्यों जनपद के साहब लोग इतने दरियादिल हैं कि बिना पूरी जानकारी के, आधे-अधूरे कागजों पर ही लाखों के भुगतान धड़ल्ले से पास किए जा रहे हैं? बिना जांचे-परखे हस्ताक्षर करने की ऐसी क्या मजबूरी थी साहब?
🏛 मंत्री जी, जरा जमीन पर भी नजर डालिए!
हमारे पंचायत मंत्री जी मंचों पर खड़े होकर 'भ्रष्टाचार मुक्त शासन' और 'विकास' की लंबी-चौड़ी डींगें हांकते नहीं थकते। मंत्री जी, जरा जमीन पर आकर देखिए, आपकी नाक के नीचे जिला पंचायत अधिकारी और जनपद की जुगलबंदी में भ्रष्टाचार को कैसा खुला बढ़ावा दिया जा रहा है!
"कागजों पर दौड़ रहा विकास, धरातल पर सिर्फ विनाश!"
जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई से इन भ्रष्टाचारियों की तिजोरियां भरी जा रही हैं। जब बिल ही अधूरा है, तो ये विकास के दावे पूरे कैसे हो सकते हैं?
🔍 जांच की मांग
दहलवाड़ा की जनता और जिले के सजग नागरिक अब इस लूट तंत्र को खुली आंखों से नहीं देखेंगे। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
