सुबह का वक्त... बस स्टैंड पर चाय की दुकान... लेकिन इस बार चर्चा राजनीति या मौसम की नहीं... गैस सिलेंडर की थी।
"भैया चाय देना..." चाय वाले ने जवाब दिया — "साहब...अब चाय महंगी करनी पड़ेगी...गैस फिर महंगी हो गई..."
दिल्ली में नया रेट ₹2078.50 पहुंच गया… मुंबई, कोलकाता, चेन्नई में भी बढ़ोतरी… और सबसे बड़ी बात — लगातार तीसरे महीने सिलेंडर महंगा किया गया है।
जमीनी हकीकत — चाय वाले से होटल तक असर
बस स्टैंड के चाय विक्रेता ने कहा —
उधर होटल संचालक ने साफ कहा —
सरकार कहती है महंगाई नियंत्रण में?
सरकार लगातार महंगाई नियंत्रित होने के दावे कर रही है... लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है।
पहले पेट्रोल महंगा... फिर डीजल महंगा... फिर सब्जी महंगी... अब गैस सिलेंडर भी महंगा...
अजीब गणित — सस्ता कुछ नहीं होता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता हो जाए — तो कीमतें नहीं घटतीं...
लेकिन जैसे ही कीमतें बढ़ती हैं — तुरंत गैस सिलेंडर महंगा...
और फिर कहा जाता है — महंगाई नियंत्रण में है...
अब असर आपकी जेब पर
- ₹10 की चाय ₹15
- ₹20 का नाश्ता ₹30
- ₹80 की थाली ₹100
धीरे-धीरे सब महंगा होगा... और फिर कहा जाएगा — महंगाई ज्यादा नहीं बढ़ी
बस स्टैंड से लौटते समय चाय वाला फिर बोला —
