नरसिंहपुर जिले के सहावन में मनाया किसान सभा का 90वां स्थापना दिवस
11 अप्रैल 1936 को संघर्षों की कोख से जन्मी अखिल भारतीय किसान सभा का स्थापना दिवस नरसिंहपुर जिले में पचामा एवं बारहा बड़ा इकाई ने सुबह एवं शाम 4 बजे भगवत सिंह उपरारिया नगर सहावन में संयुक्त रूप से 90वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय कमेटियों के साथी उपस्थित रहे।
सहावन में ज्योतिबा फुले जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें याद किया गया। साथ ही अखिल भारतीय किसान सभा के अमर शहीदों सहित किसान सभा के झंडे को अपने कंधे पर लेकर चलने वाले क्रांतिकारियों को याद किया गया।
इनमें नरसिंहपुर जिले के डोरीलाल तेहिया, डी.पी. तिवारी एवं भगवत सिंह उपरारिया को विशेष रूप से याद किया गया।
तत्पश्चात उपस्थित साथियों द्वारा ज्योतिबा फुले एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। सभा को महासचिव देवेंद्र वर्मा, नन्हेलाल वर्मा, भगवानदास पगरवार, नरेंद्र वर्मा, लाल साहब वर्मा एवं राज्य सहायक महासचिव जगदीश पटेल ने संबोधित किया।
किसान सभा के इतिहास पर रखी बात
वक्ताओं ने कहा कि आज भारत के किसान कई रंगों के झंडों के साथ सड़कों पर संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं। जिसमें लाल झंडे लिए हुए किसान सभा का बहुमत शामिल है। देश के कोने-कोने में 1,53,48,776 सदस्यता वाली किसान सभा सबसे पुरानी एवं बड़ी किसान संगठन है।
वक्ताओं ने कहा कि किसान सभा का मकसद अंग्रेजों की गुलामी से आजादी के आगे किसानों-मजदूरों सहित जनता को सच्ची मुक्ति तक ले जाना था तथा ध्वस्त किसानी को पुनः स्थापित करना था।
तत्कालीन अध्यक्ष कम्यूनिस्ट नहीं थे
किसान सभा के गठन के लिए श्रीमती कमला देवी चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। जयप्रकाश नारायण एवं प्रोफेसर एन.जी. रंगा के संयुक्त संयोजकत्व में समिति बनाई गई।
11 अप्रैल 1936 को लखनऊ में स्थापना सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें स्वामी सहजानंद सरस्वती को अध्यक्ष एवं प्रोफेसर एन.जी. रंगा को महासचिव चुना गया।
3000 गांवों पर स्थापित किया किसानों का राज
तेलंगाना में 1946 से 1951 तक चले संघर्ष में किसानों ने 3000 गांवों पर राज स्थापित किया और 10 लाख एकड़ जमीन का वितरण किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि 2014 में भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ 86 किसान संगठनों ने विरोध किया जिसके बाद सरकार को बिल वापस लेना पड़ा।
मंदसौर गोलीकांड 6 जून 2017 एवं तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 384 दिनों तक चले आंदोलन का भी उल्लेख किया गया।
जगदीश पटेल
सहायक महासचिव
मध्य प्रदेश किसान सभा
