गोटेगांव का ‘लाल मिर्च बम आलूबड़ा’?: स्वाद के नाम पर जहर!
गोटेगांव रेलवे स्टेशन पर बिकने वाला आलूबड़ा अब सिर्फ एक नाश्ता नहीं रह गया है, बल्कि यह यात्रियों की सेहत के लिए खतरा बनता जा रहा है। जल्दी में स्वाद के चक्कर में लोग इसे खा तो लेते हैं, लेकिन इसके अंदर छिपी लापरवाही और अत्यधिक तीखापन गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
🔥 मिर्च इतनी कि पेट बन जाए अंगार!
यहां बिकने वाले आलूबड़ों में अत्यधिक मिर्च और गरम मसालों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पेट में जलन, गैस और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लगातार सेवन करने पर यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
“स्वाद बढ़ाने के नाम पर यात्रियों के पेट को आग में झोंका जा रहा है!”
🧄 बिना छिला लहसुन?: साफ-सफाई पर सवाल
कई बार आलूबड़े के अंदर लहसुन बिना छिला हुआ ही पाया गया है। यह न केवल घटिया गुणवत्ता को दर्शाता है, बल्कि साफ-सफाई के मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
“जब सामग्री ही गंदी हो, तो खाना जहर बनने में देर नहीं लगती!”
🦠 खुले में बनता और बिकता खाना
रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर खुले में खाना बनाना और बेचना आम बात बन चुकी है। धूल, मक्खियां और गंदगी इस भोजन को और भी खतरनाक बना देती हैं, जिससे फूड पॉयजनिंग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
🚨 जिम्मेदार कौन?
रोजाना सैकड़ों यात्री इस स्टेशन से गुजरते हैं, लेकिन इस तरह की लापरवाही पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस पर ध्यान देगा, या यात्रियों को ऐसे ही खतरे में डाला जाता रहेगा?
“यह सिर्फ नाश्ते की बात नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है!”
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