शहर के मुख्य मार्गों पर इलेक्ट्रिक पोल बने फ्लेक्स स्टैंड?
नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं, जिम्मेदार बने मूकदर्शक
शहर के व्यस्त और मुख्य मार्गों पर लगे बिजली के खंभों पर खुलेआम फ्लेक्स और बैनर लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक प्रचार, सामाजिक आयोजनों और निजी कार्यक्रमों के प्रचार के लिए इलेक्ट्रिक पोलों का अवैध उपयोग किया जा रहा है।
यह स्थिति न केवल शहर की सुंदरता को बिगाड़ रही है, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है।
क्या कहते हैं नियम?
विद्युत सुरक्षा नियमों और नगरीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- किसी भी इलेक्ट्रिक पोल, ट्रांसफार्मर या बिजली लाइन पर फ्लेक्स, पोस्टर या बैनर लगाना प्रतिबंधित है।
- बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाना विद्युत अधिनियम 2003 और नगर पालिका अधिनियम का उल्लंघन है।
- सार्वजनिक स्थलों पर विज्ञापन के लिए नगर पालिका/नगर परिषद से पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
जुर्माने और कार्रवाई का प्रावधान
नियमों के उल्लंघन पर फ्लेक्स जब्ती के साथ जुर्माना, और बार-बार उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
सूत्रों के अनुसार अवैध फ्लेक्स लगाने पर:
- ₹1,000 से ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है
- बिजली विभाग द्वारा तुरंत फ्लेक्स हटाने की कार्रवाई की जा सकती है
- हादसे की स्थिति में आयोजक/फ्लेक्स लगवाने वाला पूरी तरह जिम्मेदार माना जाता है
तेज हवा या बारिश के दौरान ये फ्लेक्स टूटकर गिर सकते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान को खतरा बना रहता है।
सबसे बड़ा सवाल —
- क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
- क्या प्रभावशाली लोगों को खुली छूट दी जा रही है?
- किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों?
शहर की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है कि इलेक्ट्रिक पोलों पर लगे सभी अवैध फ्लेक्स तत्काल हटाए जाएं और दोषियों पर बिना भेदभाव सख्त कार्रवाई हो।
© Stringer24 News | सत्य और समाज के बीच की कड़ी
