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🎙️ stringer24News 

| विशेष वार्ता |

ग्राम पंचायत मोहपानी — जांच अधिकारी स्वदेश से खास बातचीत


चिचली जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोहपानी में हाल ही में जांच अधिकारियों का दल पहुंचा। पंचायत में तालाब निर्माण को लेकर चल रही शिकायतों और मनरेगा कार्यों में कथित गड़बड़ियों की पड़ताल के लिए यह दल भेजा गया था। जैसे ही अधिकारी मोहपानी पहुंचे, गांव में हलचल मच गई — लोग इकट्ठा हुए, सवाल उठे और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

ग्रामीणों ने पंचायत रेडियो को बताया कि जांच अधिकारी ने मौके पर कहा कि —

“सभी पंचायतों में तालाब मशीन से ही बनते हैं, और मजदूरों के खातों में भुगतान नहीं होता, बल्कि तालाब या खेत मालिक के खातों में राशि जाती है।”

ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी ने बिना पूर्व सूचना गांव में जांच शुरू कर दी, जिससे न तो सरपंच, न सचिव और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित हो पाए। इससे लोगों में असंतोष देखने को मिला।

ग्रामीण परमू, जिन्होंने इस मामले की शिकायत की थी, ने बताया कि उन्हें जांच की कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली। उन्होंने कहा कि यदि पहले जानकारी दी जाती, तो अन्य ग्रामीण भी समय पर उपस्थित हो पाते।


📞 पंचायत रेडियो की फोन वार्ता — जांच अधिकारी स्वदेश से

मोहपानी से जुड़ी इस जांच को लेकर stringer24News ने जांच अधिकारी स्वदेश से सीधी फोन वार्ता की। बातचीत के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कई अहम बातें कहीं —

प्रश्न 1: क्या जांच दल के आने की सूचना ग्रामीणों या शिकायतकर्ता को पहले दी गई थी?

स्वदेश: “हमने जांच दल के पहुंचने की सूचना परमू (शिकायतकर्ता) को दी थी। हमारे स्तर से जानकारी साझा की गई थी।”

प्रश्न 2: यह बात सामने आई कि आपने कहा — ‘जिले की सभी पंचायतों में तालाब मशीन से बनते हैं’। क्या यह सही है?

स्वदेश: “हां, हमने ऐसा कहा था, लेकिन यह बात केवल अनौपचारिक बातचीत में कही गई थी। इसका मकसद किसी को गुमराह करना नहीं था, बल्कि यह सामान्य चर्चा के दौरान कहा गया वाक्य था।”

प्रश्न 3: क्या मनरेगा अधिनियम के तहत तालाब निर्माण में मशीन का प्रयोग किया जा सकता है?

स्वदेश: “नहीं, मनरेगा अधिनियम के पैरा 23 के अनुसार मशीनों से तालाब का कार्य प्रतिबंधित है। यह स्पष्ट रूप से गैरकानूनी है। मजदूरों के श्रम से ही कार्य करवाया जाना चाहिए।”

प्रश्न 4: मोहपानी पंचायत में तीन तालाबों के निर्माण में मशीनों के उपयोग और अवैधानिक भुगतान की शिकायतें हैं। इस पर आपका क्या कहना है?

स्वदेश: “आप जो कह रहे हैं, वह सही है। यदि मशीनों का प्रयोग हुआ है, तो यह नियमों के विरुद्ध है, और इस पर आगे जांच की जाएगी।”


गांव के हालात बताते हैं कि तालाबों का निर्माण कार्य विगत कुछ माह पूर्व मनरेगा मद से कराया गया था, जिसमें कई मजदूरों ने बताया कि तालाब नियम विरुद्ध तरीके से जेसीबी मशीनों से बनाया गया । अब जांच अधिकारी के स्वीकारोक्ति जैसे बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

“यह सिर्फ मोहपानी पंचायत का मामला नहीं, बल्कि यह सवाल पूरे जनपद के मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता पर उठता है।”

फिलहाल जांच जारी है और ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार सच्चाई सामने आएगी तथा दोषियों पर कार्यवाही होगी।


🗞️ रिपोर्ट: पंचायत रेडियो | STRINGER24 NEWS

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