नरसिंहपुर। पिछले अंक में हमने बताया था कि सितारेवा नदी में अवैध रेत खनन चल रहा है और विभागीय चुप्पी सवालों के घेरे में है। अब इस मामले में एक रोचक मोड़ सामने आया है।
दरअसल, मोहपानी ग्राम पंचायत में फर्जी मजदूरी भुगतान के मामले में सुर्खियों में आए सोमनाथ कौरव का नाम अब सितारेवा नदी के अवैध रेत खनन से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है! सूत्रों का कहना है कि यही व्यक्ति न केवल मोहपानी में गबन कर रहा था, बल्कि नदी से रेत का अवैध उत्खनन भी नियंत्रित कर रहा है!
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया — “सोमनाथ कौरव की ट्रॉलियों को कई बार नदी में उतरते हुए देखा गया है!”
अब ये सबूत सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल हो रहे हैं, जिससे प्रशासन की चुप्पी और स्थिति और मजेदार बन गई है!विशेषज्ञों का कहना है कि, यदि अवैध खनन इसी तरह जारी रहा, तो नदी का पारिस्थितिक संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित होगा!नदी का सीना छलनी… और माफिया का सीना ठोकना!
रेत माफिया आज खुलेआम सरकार, क़ानून और पर्यावरण — तीनों को ठेंगा दिखाते घूम रहा है। हालत ये है कि दिन हो या रात, नदी में घुसकर ऐसे रेत निकाली जा रही है जैसे किसी की बपौती हो। जलीय जीव दम तोड़ रहे हैं, किनारों का अस्तित्व मिट रहा है… और उधर माफिया पूरे रौब से कह रहा है — “कौन रोकेगा?”
लाखों रुपए के सरकारी राजस्व पर हर दिन डकैती
यह अवैध रेत खनन कोई छोटी चोरी नहीं, बल्कि शासन की आंखों के सामने हो रही एक संगठित लूट है। सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत, और साथ में अधिकारियों की खामोशी — मानो नदी भी दर्द से नहीं, शर्म से कराह उठी हो।
मशीनें गरजती हैं, कानून सोता है
ट्रैक्टर–डंपर की आवाज़ें दूर-दराज़ तक गूंज रही हैं और उस शोर में डूब रहा है—
• नदी का प्राकृतिक बहाव
• जीव-जंतुओं का जीवन
• और पर्यावरण की आखिरी चीख!
सीना ठोककर खनन… और प्रशासन मौन
माफिया ऐसे घूम रहा है जैसे वह खुद नदी का ठेकेदार हो। न कोई डर, न कोई रोक। बस बेहिसाब अवैध खनन और उसके पीछे छिपी ताकतों की चमकदार ढाल!
"जब ग्रामीणों ने खुद ही सबूत पकड़ लिए, तो प्रशासन की निष्क्रियता अब और सवालों के घेरे में है?" — स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ता
📌 अगले अंक में: खनिज विभाग की प्रतिक्रिया और सोमनाथ कौरव के खिलाफ संभावित कार्रवाई का खुलासा।
