मोहपानी फर्जी मजदूरी गबन: सचिव और खास परिवारों की सांठगांठ
सचिव सत्यनारायण कौरव के संरक्षण में तीन तालाबों की राशि का गबन
मोहपानी में जेसीबी तालाब निर्माण के फर्जी मजदूरी मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब ग्रामीण आदिवासियों ने एक नया खुलासा किया है कि, सचिव ने कुछ खास परिवारों के नाम पर ही असली मजदूरी का भुगतान दिखाया गया।
खास नाम: सोमनाथ कौरव, उनकी पत्नी और भाई दीपक कौरव; नंदकुमार कौरव और उनकी पत्नी।
सच में मजदूरी पाने वाले आदिवासी परिवारों के खाते में **केवल कागजों पर मजदूरी दिखाई गई**। इसमें शामिल हैं: मोहन ध्रुवे, भैया राम, बड्डन, शास्त्री, निलेश, खुमन बाई, हल्लो बाई।
"हमें तो सचिव से कमीशन तक नहीं मिला, बदनामी हमारी झेली गई," - आदिवासी परिवारों का दावा
सूत्रों के अनुसार, सचिव सत्यनारायण कौरव ने नियम दरकिनार कर सिर्फ कुछ खास परिवारों पर मेहरबानी बरसाते हुए तीन तालाबों के निर्माण के नाम पर लगभग चार लाख रुपए की राशि का गबन किया।
जांच अधिकारी स्वदेश भी इस मामले में गबन के स्पष्ट संकेत दे चुके हैं। विभागीय गलियारों में हलचल तेज है, लेकिन फिलहाल अधिकारी किसी भी बयान से दूरी बनाए हुए हैं।
यह मामला केवल आर्थिक गबन नहीं, बल्कि सामाजिक समीकरण और शक्ति असंतुलन का भी आईना है। इस समय सचिव कौरव की रक्षा में कौरव खेमा ज्यादा परेशान है, बजाय उन आदिवासी परिवारों के जो बेवजह बदनाम हुए।
मोहपानी का यह फर्जी मजदूरी घोटाला अब गांव के हर नुक्कड़ पर चर्चा का विषय बन चुका है।
