अक्टूबर 2025 में मध्य प्रदेश में सब्जियों के दाम में तेजी का मामला आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है। मौसम की अनिश्चितता, त्योहारी मांग और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी ने रसोई का बजट प्रभावित किया है।
मौसम और आपूर्ति की असंतुलन
मौसम की अनिश्चितता के कारण मानसून के बाद भी कुछ क्षेत्रों में बारिश जारी रही, जिससे फसल कटाई में देरी और आपूर्ति में कमी हुई। इसके अलावा, कुछ जिलों में बाढ़ और भूस्खलन ने भी फसलों को नुकसान पहुँचाया है।
परिवहन और भंडारण समस्याएँ
ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने परिवहन लागत बढ़ा दी है, वहीं उचित भंडारण की कमी के कारण सब्जियाँ जल्दी खराब हो रही हैं। ये दोनों कारक दाम बढ़ने में योगदान दे रहे हैं।
त्योहारों के कारण मांग में वृद्धि
दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्यौहारों के दौरान सब्जियों की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में अस्थायी उछाल देखा जाता है।
उत्पादन लागत में वृद्धि
उर्वरक, बीज, कीटनाशक और श्रम लागत में वृद्धि ने उत्पादन महंगा कर दिया है, जिसका असर खुदरा कीमतों पर भी पड़ा है।
मंडी में सब्जियों के दाम
| सब्जी | खुदरा मूल्य (₹/किलो) |
|---|---|
| प्याज (बड़ा) | 25 - 30 |
| मैथी | 20 - 25 |
| टमाटर | 20 - 30 |
| गोभी | 40 - 60 |
| आलू | 20 - 30 |
| शिमला | 40 - 60 |
| पत्तेदार सब्जियाँ | 10 - 20 |
हालांकि आने वाले दिनों में स्थानीय आपूर्ति में सुधार होने से सब्जियों के दाम में कमी आने की उम्मीद है।
