🔥 पंचायत पी गई 5000 रुपये की चाय? 🔥
सरपंच पति का कारनामा
गांव की चौपाल में चर्चा गरम है — एक बिल ने सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या सच में पंचायत के खर्चों में ₹5000 की चाय दर्ज की गई?
स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि जिस दिन पंचायत के नाम पर बैठकर काम होना चाहिए था, उसी दिन एक बेमेल बिल आया — “चाय-पानी ₹5000” ☕💸। उस दिन सड़क की मरम्मत का मुद्दा, पानी की टंकी और अन्य विकास परियोजनाओं पर चर्चा होनी थी, लेकिन बिल ने लोगों का ध्यान हटा दिया।
कई ग्रामीणों ने कागज़ पर हुई बैठकों और बिलों के संदिग्ध होने की आशंका जताई है।
क्या है पूरा मामला?
- दावा: पंचायत के खर्चों में अग्रलिखित इन्ट्री — चाय-पानी ₹5000 दर्ज।
- गवाह: कुछ स्थानीय लोग कहते हैं कि बैठक का रिकॉर्ड नहीं मिलता और कई दस्तावेज़ों में अनियमितताएँ हैं।
- संभावना: भ्रष्टाचार की परतें — बिलों में फर्जी आइटम जोड़कर धन का गमन।
पंचायत रेडियो की रिपोर्ट
हमारी टीम ने घटनास्थल पर जाकर लोगों से बात की और दस्तावेज़ों की प्राइवेव्यू की कोशिश की — प्रारंभिक जांच में कई प्रश्न खड़े होते दिखे।
जारी :
अगले एपिसोड में हमारी शोध रिपोर्ट और दस्तावेज़ों का खुलासा किया जाएगा।
नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय सूत्रों और प्राप्त दस्तावेज़ों पर आधारित प्राथमिक रिपोर्ट है।
