इंदौर (मध्य प्रदेश) — शहर के नंदलालपुरा इलाके से गुरुवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां लगभग 24 किन्नरों ने सामूहिक रूप से फिनायल पी लिया। यह कदम उन्होंने कथित रूप से अपने समुदाय की एक सदस्य के साथ हुए दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के विरोध में उठाया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस जब मौके पर पहुँची तो कई किन्नर बेहोश हालत में मिले। सभी को तुरंत एम.वाई. अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। अधिकांश की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, जबकि कुछ को आईसीयू में रखा गया है।
समुदाय के लोगों का आरोप है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा खुद को पत्रकार बताकर उनकी एक साथी के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेल किया गया। उन्होंने कई दिनों से पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई न होते देख उन्होंने यह खतरनाक कदम उठा लिया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस घटना के पीछे गुटीय विवाद और आर्थिक लेनदेन के भी कुछ पहलू सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि दो गुटों के बीच संपत्ति और वसूली के विवाद ने स्थिति को और भड़का दिया।
DCP आनंद कलाडगी ने बताया कि सभी पीड़ितों का उपचार एम.वाई. अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है तथा आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना की हर दिशा में जांच की जा रही है — चाहे वह आपसी विवाद हो या ब्लैकमेलिंग का मामला। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की भी खबरें सामने आई हैं।
यह घटना न केवल एक दर्दनाक विरोध का प्रतीक है, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल भी छोड़ती है — क्या हमारी व्यवस्था अब भी उन लोगों की आवाज़ नहीं सुन पा रही जो सबसे अधिक उपेक्षित हैं?
किन्नर समाज वर्षों से सम्मान और न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। इस सामूहिक आत्मघाती कदम ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और समाजिक असमानता, दोनों पर ही गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
news desk
रिपोर्ट प्रकाशित: 16 अक्टूबर 2025
