*साई खेड़ा जनपद की खमरिया ग्राम पंचायत में आर्थिक अनियमितताओं का खेल*
खमरिया ग्राम पंचायत, साई खेड़ा जनपद — विकास की आड़ में जारी गबन और भ्रष्टाचार ने इस पंचायत की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हमारे जांच पड़ताल में सामने आया है कि
पंचायत के रिकॉर्ड में सड़क निर्माण और सफाई कार्य पूरा दिखाया गया, लेकिन वास्तविकता में अधिकांश सड़कें टूटी-फूटी और कचरे से भरी हुई हैं।
मनरेगा योजना के तहत मजदूरों के मस्टर फर्जी बनाकर सरकारी धन का गबन किया गया। कई मजदूरों के नाम पर भुगतान दिखाई गया, लेकिन वे कभी काम पर मौजूद नहीं थे।
सरकारी फंड का उपयोग विकास के बजाय कुछ लोगों के निजी हितों में किया गया। पंचायत में अभी भी ऐसे कई प्रोजेक्ट अधूरे या नगण्य हालत में हैं।
अनियमितताओं का इतिहास, यह पहला मामला नहीं है। पिछली पंचायत में भी इसी तरह की अनियमितताएं उजागर हुई थीं, और वर्तमान सरपंच व सचिव वही रास्ता अपनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ केवल कागजों में दिखाया जाता है, जबकि आम जनता को इसका कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा।
यह स्पष्ट है कि खमरिया ग्राम पंचायत में पैसों का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का जाल कायम है। अब सवाल यह है कि प्रशासन और उच्च अधिकारी इस खेल पर कब और कैसे लगाम लगाएंगे।
समाचार सेवा प्रदाता कंपनी के सीईओ और फाउंडर विक्रम सिंह राजपूत ने सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से आगामी प्रस्तावित बैठक में शामिल होकर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।
Stringer24News के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तत्काल जांच की मांग को लेकर जल्द ही सड़कों पर उतर सकते है। आंदोलन और धरना प्रदर्शन की संभावना बढ़ती जा रही है।
