*देह व्यापार अब हाईप्रोफाईल और हाईटेक?: ग्राहकों को लुभाने के लिए स्मार्टफोन, इंटरनेट और वाट्स एप्प!*
हमने देह व्यापार में लिप्त इन महिलाओं/लड़कियों पर विस्तृत अध्ययन के लिए मालवा के बांछड़ा डेरे, बुंदेलखंड के बिड़निया समुदाय के साथ ही अनेक गुप्त और जाहिर रेड लाइट एरियों का दौरा किया।
आज सुनहरी चमड़ी का यह कारोबार कोठों से निकलकर देह व्यापार का धंधा अब वैबसाइटों तक पहुंच गया है! माना जाता है कि जिस्म फरोशी के इस कारोबर में बहुत जल्दी ऊंची छलांग लगाने की महत्वाकांक्षी मध्यमवर्गीय लड़कियों की संख्या भी दिन ब दिन बढ़ रही है!
सूत्रों की माने तो दरअसल कॉलेज जाने वाली कई लड़कियां अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस धंधे में उतर रही हैं! हालांकि आजकल की लड़कियां बड़ी चालाकी से व्यवसाय कर रही हैं! उनके लिए सिर्फ पैसा ही मायने नहीं रखता है बल्कि स्वच्छता, हाई ग्रेड भी मायने रखता है,यही कारण है कि लड़कियों का अंदाज और लुक भी बदल गया है!
समाजशास्त्रियों के मुताबिक पहले लड़कियों को दबाव बनाकर या फिर किडनैप करके जिस्म फरोशी के कारोबर में धकेला जाता था! लेकिन अब आज तो कई कॉलेज की छात्राएं खुद ही इसमें कूद रही हैं,इसलिए दलाल के जरिए व्यवसाय करने वालों की संख्या भी लगातार कम होती जा रही है!
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