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*कम्बल बाबा "आस्था या अंधविश्वास?":नरसिंहपुर*

वैसे तो कहा जाता है कि, इस देश में धर्म का धंधा सदियों पुराना और सबसे बढ़िया है,हालांकि ऐसा भी नहीं है कि,सिर्फ भारत में ही धर्म का धंधा एक बड़ा और गंभीर मुद्दा,बल्कि दूसरे देशों और अन्य धर्मों में भी कमोबेश इस तरह की चीजें देखी जा सकती हैं!


आज देखने में आ रहा है कि,धर्म के नाम पर धंधा करने वाले कुछ लोगों ने उनके आदर्शों को धर्मग्रंथों तक सीमित कर अपने-अपने साम्राज्य खड़े कर लिए हैं।! आज के दौर में शायद ही कोई धर्म इससे अछूता हो!

सभी लोग एक जैसे नहीं होते,लेकिन आस्था और धर्म का दोहन करने वालों की भी कमी नहीं है!इन लोगों की महारत इसी से समझ में आ जाती है कि शिक्षित, जागरुक लोग भी इनके झाँसे में आ जाते हैं.आस्था और अंधविश्वास के बीच एक महीन लकीर होती है। इस अंतर को समझना जरूरी है!

कई बार लोग अपने अभीष्ट कामों की सिद्धि के लिए बाबाओं के चक्कर लगाते हैं और लोगों के लालच का फायदा उठाते हुए कई लोगों इनकी तुच्छ कामना पूर्ति के लिए कई स्वांग रच लेते हैं? और फिर स्वांग धीरे-धीरे लोगों में अंधविश्वास के रूप में घर कर जाते हैं!टोने टोटकों का एक सिलसिला शुरू हो जाता है!कई लोगों को अजीबो गरीब लगने वाली सलाहें भी अपने भाग्य परिवर्तन का तरीका महसूस होने लगती हैं!

दरअसल अंधविश्वास की असली जड़ भूत-प्रेत का डर, जादू-टोने होने का डर, प्रेम-विवाह, व्यापार-नौकरी में असफलता का डर और दुर्भाग्य घटित होने का डर है।

पर्चा बनाने का दावा करने वाले धीरेन्द्र शास्त्री पर महाराष्ट्र की एक समिति ने आरोप भी लगाया था कि धीरेंद्र शास्त्री जो दरबार लगाते हैं, उससे दो कानूनों का खुला उल्लंघन होता है। पहला, साल 2013 का महाराष्ट्र जादू टोना विरोधी कानून और दूसरा, 1954 का ड्रग्स एंड मेडिकल रेमेडीज एक्ट। अपने दिव्य दरबार के जरिये धीरेंद्र शास्त्री हमेशा इन दोनों कानूनों का उल्लंघन करते हैं।

तरह के दावे एनडीबीएसए दिशानिर्देशों के विरुद्ध हैं, जो प्रसारकों को अंधविश्वास का महिमामंडन करने से रोकते हैं तथा प्रसारकों को ऐसे दावे किए जाने पर अस्वीकरण और/या चेतावनी जारी करने की आवश्यकता होती है।

लेकिन ये आज का मीडिया है?ये चांडाल को भी देवता बता सकता है?
बाबाओं को लेकर नरसिंहपुर जिले की जनता का प्रेम नया नहीं है! कभी किसी बाबा की धूम रहती है तो कभी किसी बाबा की! कभी धीरेन्द्र शास्त्री और अयोध्या सरकार चैनलों की शान हुआ करते हैं तो आज कंबल बाबा का समय आया है!

आज हम यहां बात करने जा रहे हैं,नरसिंहपुर जिले में आए हुए कंबल बाबा की!मौजूदा जानकारी के मुताबिक कंबल बाबा अपने कंबल के जरिए लोगों के स्वस्थ हो जाने का दावा करते हैं!
जारी ::

ये धर्म की अफीम कैसे चटाई जाती है, इसका एक उदाहरण अच्छे से समझ लीजिये: 


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