*राह के शूल को फूल में बदलते शिक्षक भूतखेड़ा में*
*स्कूल चले हम जो भी है देखा जायेगा को सार्थक करते शिक्षक यशपाल राजपूत और देवेंद्र कौरव*
सालीचौका नरसिंहपुर, विधानसभा क्षेत्र गाडरवारा एवं जनपद शिक्षा केंद्र साईखेड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बरेली के शासकीय प्राथमिक शाला भूतखेड़ा में पदस्थ दो शिक्षक जिनमें यशपाल सिंह राजपूत और देवेंद्र सिंह कौरव ने वह करके दिखाया है जो सरकार के मंत्री विधायक सांसद सरपंच जनपद जिला और अन्य जनप्रतिनिधि नहीं कर पाये।
यहां हम सिर्फ शिक्षकों की तारीफ और सत्ताधीशो की बुराई नहीं कर रहे हैं।
बल्कि हम यह बताना चाह रहे हैं कि अगर शिक्षक राष्ट्र निर्माता कहलाता है तो वह किस तरह से अपने रास्ते में आने वाली समस्याओं को हल कर सकता है।
जिस तरह एक शिक्षक चाणक्य ने अपने रास्ते में आने वाले तमाम मुसीबतो को अलग करते हुये योग्य को राज्य दिलवाया और राजा बनाया यही हमारे आज के राष्ट्र निर्माता की कहानी है।
शाला जिसमें दर्ज बच्चों के अनुरूप दो शिक्षक सदा ही अपने कार्यों में निपुण शिक्षा के अलावा अन्य कार्यों में सदा अपने आपको सक्रिय रखने वाले यशपाल सिंह राजपूत और देवेंद्र सिंह कौरव ने जब देखा कि शाला तक पहुंचाने के लिए छात्रों को रास्ता नहीं है।
और जो लगातार बरसात हो रही है उसमें छात्रों को शाला तक पहुंचने में काफी मशक्कत होगी इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए दोनों शिक्षकों ने आपस में मंत्रणा की और शाला तक के पहुंच मार्ग को बनाने का फैसला किया।
जिसमें उन्होंने 3 फुट चौड़ा और 50 फीट लंबा एक रास्ता बनाया जिसमें दोनों शिक्षकों ने अपनी वेतन जो कि उनके बच्चों का हक थी उस हक से कटौती करते हुए दोनों शिक्षकों ने 16000 रुपए की राशि एकत्रित करते हुए शाला के लिए सड़क निर्माण का सराहनीय कार्य किया।
जहां ग्राम पंचायत को उक्त कार्य करना था वह कार्य शिक्षकों ने कर दिखाया तो एक राष्ट्र निर्माता चाणक्य के रूप में अगर आ जाए तो वह कुछ भी कर सकता है।
नरसिंहपुर जिले में यह पहली ऐसी जोड़ी है शिक्षकों की जिसने ऐसा अनुकरणीय प्रयास किया है।
इससे पूर्व तुमडा प्राथमिक शाला,बनवारी हायरसेकंडरी तथा अन्य शालाओं में ऐसे सराहनीय प्रयास किया जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के विधानसभा क्षेत्र गाडरवारा के अंतर्गत आने वाले इस स्कूल में शिक्षकों ने जो प्रयास किया है वह आज की परिपाटी में बहुत ही अनुकरणीय हैं।
जैसे ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीमा डोंगरे,बीआरसी संदीप स्थापक को पता लगा तो उन्होंने शिक्षकों की सराहना शैक्षणिक ग्रुप में की साथ ही तमाम सोशल मीडिया विभिन्न संगठनों सभी ने दोनों शिक्षकों की सराहनीय प्रयास की सराहना की।
और जहां लोग शासकीय संस्थाओं और शिक्षकों पर उंगली उठा रहे हैं वहां इन शिक्षकों का प्रयास निश्चित ही अनुकरणीय सराहनीय और शिक्षा हितार्थ है।
