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सांकेतिक चित्र image credit goes to google 

*फर्जी मजदूरों को जेल की सलाखों के मुहाने तक ले आया सचिव सत्यनारायण?: ग्राम पंचायत मोहपानी: चिचली:नरसिंहपुर*

कितनी हैरानी की बात है कि, पंचायत में सरकारी राशि का गोलमाल हो जाता है और स्थानीय लोगों और अधिकारियों को कानों कान भनक भी नहीं लगती है!

आखिर यह कैसे होता है?

तो आईए हम आपको हाल ही में ग्राम पंचायत मोहपानी में जेसीबी से निर्मित तालाब का उदाहरण देकर बताते हैं कि,सचिव निर्माण कार्यों में किस तरह गोलमाल करते हैं!

दरअसल मोतीलाल के खेत पर तालाब निर्माण कराया जाना था! सबसे पहले सचिव सत्यनारायण ने खेत मालिक को भरोसे में लिया और जेसीबी से काम कराया जाना तय किया गया और तर्क दिया गया कि, गांव में मजदूर नहीं मिल रहे हैं!

मोहपानी गांव में तकरीबन 1600 वोटर है! पहाड़ी क्षेत्र में अधिकांश आबादी युवाओं की है!इसमें बड़ागांव,भातौर,तलैया, कुकड़ी पानी जैसे टोले (छोटी पहाड़ी बस्तियां) भी शामिल हैं।

इसके बाद सचिव सत्यनारायण ने गांव के कुछ जागरूक युवाओं को भरोसे में लेकर तालाब निर्माण कार्य को गुपचुप तरीके से कराया गया!

तालाब का निर्माण जेसीबी से हुआ मजदूरों ने नहीं किया! बावजूद इसके सचिव सत्यनारायण का शातिराना कारनामा देखिए! बिना कोई शोर शराबा किए गांव के कुछ खास लोगों के खाते में मनरेगा मजदूरी भेजी गई!जाहिर सी बात है इसके लिए भी कमिशन तय किया गया! अन्यथा कोई भी इस अनैतिक अवैधानिक काम को क्यों करता!

सचिव सत्यनारायण ने खेत मालिक मोतीलाल को,गांव के कुछ युवाओं को और फर्जी मजदूरों को धोखे में रख कर अवैध तरीके से तालाब निर्माण कर दिया!

मौजूदा तथ्यों और सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार अब यहां जो सबसे रोचक बात है, वह यह है कि,तालाब निर्माण में जेसीबी मशीन का भुगतान 70000/ रुपए (सत्तर हजार) किया गया!और राशि की निकासी की गई 163000/ रुपए (एक लाख तिरसठ हजार)?

तो अब सबसे पहले तो सवाल यह उठता है कि, बाकी की बची हुई राशि कहां गई? मजदूरी की राशि का कुछ हिस्सा तो फर्जी मजदूरों को कमीशन देने में लूट गया! परन्तु बाकी की बची हुई राशि कहां गई?

सचिव सत्यनारायण जानता था कि,वह जो नियम विरुद्ध तरीके से मशीनी तालाब का निर्माण करा रहा है,यह अवैधानिक है!यदि गबन के इस मामले की जांच होती है और आरोपियों पर दोष सिद्ध होता है,तब ऐसी स्थिति में न सिर्फ सचिव सत्यनारायण से वसूली की जाएगी बल्कि विभाग द्वारा सेवा समाप्ति भी हो सकती है और सह आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ सकता है!

यह सब जानने के बावजूद सचिव सतेंद्र ने जेसीबी से तालाब निर्माण कराकर ना सिर्फ मनरेगा योजना को तहस नहस कर दिया बल्कि बडडन उर्फ संतराम,मोतीलाल, खुमन बाई,हल्ला बाई,शस्त्री,नीलेश जैसे भोले भाले ग्रामीणों को जेल की सलाखों के मुहाने तक ले आया?


जारी : 


मामले की जांच हेतु सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई! इसके साथ ही उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर मामले की जांच कराए जाने के लिए जिला कलेक्टर शीतला पटले और जिला पंचायत अधिकारी, , ,



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