*मोहपानी में हुए गबन की रिकवरी बाईस लाख चौदह हजार रूपए?:आरोपियों को विभागीय नोटिस जारी?: ग्राम पंचायत मोहपानी:जनपद चिचली:नरसिंहपुर*
विगत दिवस 27 नवंबर की शाम तकरीबन चार बजे के आसपास ग्राम मोहपानी से तकरीबन चार पांच ग्रामीण जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और जांच अधिकारी से मिलकर जांच प्रतिवेदन के बारे में जानकारी ली!
वार्ता के दौरान जांच अधिकारी द्वारा फाइल सबमिट कर देने की बात कही गई, इसके बाद ग्रामीण सीईओ से मिलने उनके कक्ष की ओर गए,किंतु बताया गया कि,इस समय सीईओ कार्यालय में नहीं है!
हालांकि विभागीय सूत्रों ने बताया कि, पंचायत के विगत दो पंचवर्षीय एवं वर्तमान पंचायत के कार्यकाल में हुए गबन की जांच में 22 जांच बिन्दुओं पर बाईस लाख चौदह हजार रूपए की राशि वसूली योग्य पाई गई है!
विभाग तीन सरपंच और दो सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी कर चुका है!जल्द ही आरोपियों को नोटिस जारी किए जा सकते हैं!
लाल बाई (पूर्व सरपंच),मुरारी लाल(पूर्व सरपंच) एवं झुनिया बाई (वर्तमान सरपंच)पर गबन का दोष सिद्ध हो जाने के बाद विभाग द्वारा रिकवरी की जाएगी! गबन का दोष सिद्ध हो जाने पर लाल बाई, मुरारी और झुनिया पर विभाग FIR दर्ज करवा कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेज सकता है? एवं झुनिया बाई वर्तमान सरपंच को धारा 40 के तहत पद से प्रथक किया जा सकता है?
वहीं हैरानी की बात है कि इस पूरी जांच प्रक्रिया और गबन में वर्तमान ग्राम रोजगार सहायक पोहप सिंह उर्फ पप्पू के खिलाफ जांच अधियारियों को गबन का कोई साक्ष्य नहीं मिला!जबकि पप्पू विगत लंबे अरसे से कुर्सी पर अंगद की तरह पैर जमाए हुए हैं और मनरेगा में जमकर गबन हुआ है, तब क्या यह मान लिया जाए कि, ग्राम रोजगार सहायक ने अधिकारियों से सेटिंग कर ली? वहीं निर्माण कार्यों में गबन पाए जाने पर भी एई को क्यों नोटिस जारी नही किया गया? जबकि ए ई के मूल्यांकन के बाद ही विभाग निर्माण कार्यवाहियों को आगे बढ़ाता है!
वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि, रोजगार सहायक को कुछ ग्रामीणों द्वारा भी बचाने की कोशिश की जा रही है!ऐसी संभावनाओं से इनकार भी नहीं किया जा सकता है!
मोहपानी से आए ग्रामीण संतोष,पवन,गोपाल,मोहन एवं अन्य लोगों से जब हमने प्रतिवेदन के संबंध में वार्ता की,तो प्रतीत हुआ कि ग्रामीण जांच से असंतुष्ट दिखाई दे रहे हैं!वहीं आगामी दिनों में ग्रामीण चक्का जाम की रूपरेखा बना सकते हैं! इसकी पुष्टि स्थानीय कृषक और पूर्व सरपंच रह चुके सुमेर सिंह राजपूत ने भी फोन वार्ता पर की! दरअसल सुमेर सिंह मोहपानी के समाजसेवी शेरसिंह राजपूत के छोटे भाई है!और आंदोलन में सक्रिय भूमिका भी निभाते रहे हैं!
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