*प्रशासन की लापरवाही!:5 दिनों में नही हों पाई जांच?: ग्राम पंचायत मोहपानी:जनपद चिचली:नरसिंहपुर*
ग्राम पंचायत मोहपानी में चल रही अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुए धरना प्रदर्शन ने मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी।प्रशासन ने लिखित आश्वासन देकर अपने कर्तव्य से इति श्री कर ली।
प्रशासन के मुताबिक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है जो आगामी पांच दिनों में वर्ष 2014 से वर्तमान तक मनरेगा,15 वा वित्त,5 वा वित्त,सांसद निधि,विधायक निधि,अन्य हितग्राही मूलक एवम सामुदायिक निर्माण कार्यों की जांच करेगी।उक्त पत्र दिनाक 6/10/24 को संबंधित विभागों को जारी किया गया।हालाकी इस बीच महज एक दिन जांच दल से अंसारी ग्राम पंचायत पहुंचे और एई के साथ मिलकर ग्रामीणों के समझ कुछ जांच कार्य किए।इसके बाद से अब तक जांच दल का कोई भी सदस्य गांव नहीं पहुंचा है।
वैसे तो मोहपानी मामले की दस सालों के हिसाब किताब और निर्माण कार्यों की जांच पांच दिन में तीन सदस्यीय दल द्वारा किए जाने का दावा ही खोखला और बेबुनियाद था।जमीनी हकीकत इसका जीता जागता उदाहरण है।हालाकी यह सोचने वाली बात है की,नरसिंहपुर जिला प्रशासन के हाथों में ऐसा कौन सा अलादीन का चिराग लग गया है ,जो पांच दिन में दस सालों का हिसाब किताब करके दूध का दूध और पानी का पानी कर दे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जांच दल के सदस्य अंसारी पर भी उंगलियां उठने लगी है,ग्रामीणों ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जताई आशंका!सवाल उठने लगा है कि क्या अंसारी दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं?जितेंद्र कौरव,सरपंच, सचिव,सरपंच पति और जीआरएस में से किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं अंसारी? कौन बनेगा भ्रष्टाचार की इस बली का बकरा?कहीं फंदा झुनिया बाई के गले में तो नही डाल दिया जाएगा?
जारी :
क्या प्रशासन अपने सिस्टम के एक बड़े हिस्से पर इतनी बड़ी कार्यवाही करने का कदम भी उठा पाएगा?लगता तो बिलकुल भी नहीं है! दो सरपंच,दो सचिव,दो जीआरएस,सरपंच पति से लेकर मामले में लिप्त सभी दोषियों पर कार्यवाहीं करने का साहस अधिकारी जुटा भी पाएंगे, ,

