*एक ऐसा गांव जहां स्वतंत्रता दिवस के प्रसाद में बाटी जाती है बीड़ी माचिस?: ग्राम पंचायत मोहपानी: जनपद चिचली:नरसिंहपुर*
अगर सरपंच पति और जितेंद्र को भ्रष्टाचार का जादूगर कहा जाए तो कोई अतिश्यक्ति नही होना चाहिए? दरअसल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने फिर एक बार भ्रष्टाचार के मामले की कलई खोल दी!
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि, स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन के लिए ग्राम पंचायत ने प्रसाद की खरीदी का बिल लगाया गया, बिल में प्रसाद के वितरण के लिए नारियल,अगरबत्ती,चना, मुर मुरा, नुकती,शक्कर के साथ ही बीड़ी माचिस खरीदी का विवरण दिया गया है!स्वतंत्रता दिवस पर प्रसाद में बीड़ी माचिस बाटे जाने का शायद यह पहला मामला हो। वहीं ग्राम पंचायत ने बिल में 250 ग्राम की खरीदी 75 रु में की है, अब यह कौन सी वस्तु है,इसका विवरण भी बिल में नही है।यह तो बिल में हेर फेर के जरिए सरकारी राशि को पलीता लगाने के उदाहरण मात्र है!भ्रष्टाचार की असली गाथा तो अभी शेष है!
एक किलोग्राम नामक का पैकेट बाजार में 15 रु से लेकर 20 रु किलो प्रति पैकेट आसानी से उपलब्ध है, लेकिन पंचायत चिंदी चोरी की आदत से बाज नहीं आई और एक किलो नमक की खरीदी 50 रु में किया जाना बताया गया।
वहीं आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे की सरपंच पति ने जितेंद्र के साथ मिलकर जन मन शिविर के दौरान मात्र सामान परिवहन के लिए ही 20000 हजार रूपए मजदूरी के बिल लगाए हैं,इनमें भी अनियमितता सामने आई है। जिस पर छानबीन और गहन पड़ताल जारी है।
वहीं जेसीबी के 83 मीटर कार्य का बिल भी 100000 रु का बिल लगाया गया,विभागीय सूत्रों का कहना है की इस बिल में जनपद सीईओ धनीराम को भी हिस्सा पहुंचा है,इतना है नही आर्थिक अनियमितता के और भी साक्ष्य इस दौरान सामने आए।
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जेसीबी से काम करवाने के नाम पर सरपंच पति और जितेंद्र ने जो किया वह , , ,
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