*चुनाव के बारे में क्या सोचती है जनता? : चुनावी समीकरण।*
दरअसल विधानसभा चुनाव में मंत्रियों को विधायक का चुनाव लड़वाना भले ही बीजेपी की रणनीति का हिस्सा हो,लेकिन जनता इसे मजबूरी के नजरिए से देख रही है!
वहीं कांग्रेस विश्लेषक इसे भय से उठाया हुआ कदम बताने से नही चूक रहे हैं
वहीं मध्य प्रदेश मुख्य मंत्री शिवराज के चेहरे को लेकर भी तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही है। मामा अगले सीएम होंगे या नहीं इसे लेकर भी जनता से भिन्न मत सामने आ रहे हैं।
नेतृत्व परिवर्तन की यह रणनीति भाजपा को कितना फायदा पहुचायेगी यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है। वहीं जनता का यह भी मानना है की,कांग्रेस के साथ सबसे बड़ी कमी ये है कि कोई बड़ा चेहरा उसके पास नहीं है,जो उसकी नैया को पार लगा दे।कोई बड़ा नेता ऐसा नहीं बचा है जिस पर कांग्रेस दाँव खेल सकती है।
हालाकी यह देखा गया है कि लोग विधानसभा और संसदीय चुनावों में अलग-अलग तरीके से मतदान करते हैं।
एक तरफ जिताऊ प्रत्याशियों के लिए मशक्कत की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर बीजेपी के राष्ट्रीय नेता पूरी तरह मैदान में उतर गए हैं।
सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की 144 सीटों पर प्रत्याशियों का नाम घोषित किया था।दरअसल, बात बुधनी की हो या पूरे मध्य प्रदेश की, कांग्रेस की रणनीति साफ नजर आई है।बीजेपी के नाराज नेताओं पर भी कांग्रेस की नजर रही है।
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