।। मतदान का अधिकार। ।।
एक सामान्य व्यक्ति के लिए मतदान के अधिकार का क्या मोल है?(यहां सामान्य से मेरा आशय वह वर्ग है जो अपने इस अधिकार को लेकर सचेत नहीं है,जागरूक नहीं है।)
खैर जागरूक तो आप अपने गली मोहल्ले को लेकर भी शायद ही हों!अन्यथा और कोई कारण नहीं है की ,शहर की गलियों में शराब,जुआ,सट्टा जैसी अन्य अनेक विसंगतियां इतने बड़े पैमाने पर फैली हुई है।
खैर फिलहाल हम मतदान के अधिकार पर अपना ध्यान केंद्रित करें तो शायद अपने देश के हित में कोई सही निर्णय ले पाएंगे।
दरअसल बात सिर्फ गरीबी,अशिक्षा,बेरोजगारी की नही है,आपका एक मत देश की दशा और दिशा भी तय करेगा।
फिर आप कहेंगे कोई ऐसा चेहरा ही समझ नही आता! तो हर बार चेहरा, जात, समाज, धर्म देखना जरूरी है क्या?क्या प्रत्याशी के व्यक्तित्व गुण और शिक्षा का कोई महत्व नहीं है?
आपका फैसला आपके हाथ में है लेकिन यह मत भूलिएगा की आपका एक फैसला आपके देश के भविष्य को निर्धारित करने की क्षमता रखता है।
और प्लीज किसी भी हालत में अपने वोट को ना बेचें।शराब, साड़ी, गांजा, पैसा या कोई तोहफा आपको कितनी देर की खुशी दे सकता है?और फिर यह तो देश के साथ भी छल ही हुआ न!आप किसी को भी वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन अपने वोट का उपयोग अवश्य करें।
इन दिनों चुनाव बहिष्कार की चर्चा भी अक्सर यहां वहां से सुनाई दे ही जाती है लेकिन यह कोई विकल्प नहीं है,इससे बेहतर तो आप नोटा दबा सकते हैं ताकि सरकार तक असंतुष्टि के वे आंकड़े पहुंच सकें।किसी भी स्थिति में अपना वोट जाया मत जाने दीजिएगा।
