आपरेशन मुस्कान।
कुकड़ी पानी: ग्रा.पं.मोहपानी:नरसिंहपुर।
भरिया आदिवासी समुदाय के बच्चों के उत्थान के लिए उठाया गया कदम ऑपरेशन मुस्कान की मेहनत अब रंग लाने लगी है।बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की दिशा में यह पहल कारगर साबित होगी।
बच्चों के लिए खिलोने,खाद्य सामग्री और शिक्षा सामग्री के लिए दान करने वालों की फेहरिस्त इतनी लंबी हो गई है कि सभी नामों का जिक्र करना यहां संभव नहीं है।
ग्राम मुराछ से छोटेलाल पटेल द्वारा मानवता जाहिर करते हुए आर्थिक सहायता की पेशकश की गई। वहीं ग्राम विपतपुरा निवासी नवीन द्वारा बच्चों के लिए बिस्किट पैकेट ऑपरेशन मुस्कान की टीम को सौंपे गए।नरसिंहपुर निवासी रजनी ने बच्चों के लिए पहाड़े, स्लेट एवम कलम इत्यादि टीम को सौंपे।
खाद्य सामग्री के साथ ही खिलोने एकत्रित किए जा रहे हैं ताकि बच्चों की बेरंग जिंदगी में मुस्कुराहट के रंग भरे जा सकें।ऑपरेशन मुस्कान में बच्चों से लेकर बड़े तक बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं।
आपकी एक छोटी सी कोशिश से खिलोने,शिक्षा और खाद्य सामग्री उन बच्चों तक पहुंच पाएंगे, जिन्हें सच में इसकी जरूरत है।
भरिया आदिवासी बच्चों की शिक्षा और महिलाओं की सहायता के उद्देश्य से stringer24news द्वारा ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है।ऑपरेशन मुस्कान से एकत्र राशि आदिवासी बच्चों को पोषण,स्टेशनरी और खिलौनों सहित आवश्यक सामग्री पर खर्च की जाएगी।
यदि आपने हाल ही में ऑपरेशन मुस्कान के लिए डोनेट किया हैं, तो भरिया आदिवासी हर बच्चे की मदद करने के लिए आपके निरंतर सहयोग के लिए हम आभार व्यक्त करते हैं।
Appeal for Donation.
Account no: 163004286817
IFSC code: CBINOMPDCAW
यदि आपको अपने दान के संबंध में किसी सहायता की आवश्यकता है, तो आप ऑपरेशन मुस्कान टीम से 9343304972 व्हाट्सएप या stringerjournalist@gmail.com पर संपर्क करें |
आप Account no: 163004286817 पर सीधे दान कर सकते हैं | आप फोन पे, पे टी एम आदि का उपयोग करके भी डोनेट कर सकते हैं। फोन पे अथवा पेटीएम आदि से डोनेट करने के लिए whatsapp no 9343304972 पर संपर्क करें।
हमें ऑपरेशन मुस्कान को जारी रखने और अपना काम पूरी दक्षता के साथ करने की आवश्यकता है। हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप इन कोशिशों के समय में उदारता से दान करें और अधिक से अधिक जरूरतमंद भरिया बच्चो की मदद करें।यह आपका समर्थन ही होगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि भरिया आदिवासी समुदाय के हर बच्चे को भरपेट भोजन, तन पर कपड़ा और बुनियादी शिक्षा मिले।
